रोहतक। बंदर न पकड़ने पर नगर निगम ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके लिए अब नए सिरे से टेंडर जारी होगा। बंदरों का खौफ बना होने पर भी शहरवासियों को इस समस्या से तत्काल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।
बंदरों के भय से महिलाएं व बच्चे घरों की छतों पर अकेले नहीं जा पाते हैं। उन्हें हादसे का भय रहता है। वहीं, पार्कों में भी बंदरों का डर बना रहता है। एक माह में ही शिवाजी कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक महिला सहित दो लोगों को बंदर काट चुके हैं लेकिन नगर निगम अभी तक बंदर पकड़वाने का काम शुरू नहीं करा सका है।
हाउस की बैठक में वार्ड पार्षद भी इस मुद्दे को उठाते हैं। नगर निगम ने 14 लाख रुपये से शहर में बंदर पकड़वाने का टेंडर छोड़ा था जिसमें ठेकेदार ने बीमारी का हवाला देकर खुद को असमर्थ बताया। इस कारण उसे ब्लैक लिस्ट किया गया है। पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जसबीर कुमार ने बताया कि शहर के सभी 22 वार्डों में बंदरों से लोगों में भय बना हुआ है।
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शहर में सभी वार्डों में लोग बंदरों से परेशान हैं। बंदर हमले भी करते हैं। इस कारण महिलाएं व बच्चों छतों पर कपड़े सुखाने तक में भय लगता है। इसी समस्या के समाधान के लिए निगम अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
- कपिल नागपाल, वार्ड 7, नगर पार्षद।
मैं शिवाजी कॉलोनी पार्क में टहल रहा था। तभी एक व्यक्ति पर बंदरों ने हमला कर दिया। मैंने बंदरों को भगाने का प्रयास किया तो मेरे ऊपर ही हमला कर दिया। इसके बाद से मैं पार्क में बेंत लेकर जाने लगा हूं।
- रामचंद्र अहलावत, शिवाजी कॉलोनी
बंदर न पकड़ने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया गया है। अब नया टेंडर ओपन किया जाएगा जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- डॉ. आनंद कुमार शर्मा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक
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