टोहाना। पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं की शिकायत के बाद रसायन विज्ञान शिक्षक को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया। हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने वीरवार को स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी जुटाई।
मीना परमार ने बताया कि शिक्षक पर छात्राओं से अभद्र भाषा में बात करने के आरोप मिले थे। छात्राओं ने एसडीएम के सामने शिकायत दी थी कि शिक्षक उन्हें जानवर कहकर बुलाते हैं। निरीक्षण के दौरान छात्राओं से बातचीत की गई। एसडीएम आकाश शर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रेखा अग्रवाल और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष ने कहा कि जांच में शिक्षक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई है। शिक्षक ने भी अपनी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात स्वीकार की है। उनका टोहाना के डॉक्टर से इलाज चल रहा है। सीएमओ ने उन्हें 25 अगस्त को बुलाया है। आयोग की उपाध्यक्ष ने डॉक्टर से भी इस संबंध में बात की है।
मीना परमार ने स्पष्ट किया कि छात्राओं ने यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ की शिकायत नहीं की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से उनका स्कूल में रहना छात्राओं के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसी कारण उन्हें तत्काल छुट्टी दी गई है। उन्हें इलाज कराने की सलाह दी गई है।
स्कूल प्रशासन, बीईओ और एसडीएम की संयुक्त रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। आयोग की ईमेल आईडी भी जारी की है। छात्राएं भविष्य में सीधे आयोग तक शिकायत पहुंचा सकेंगी। निरीक्षण के दौरान मीना परमार ने मिड डे मील और पानी की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने स्कूल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
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इधर शिक्षक ने आमरण अनशन शुरू किया
जनगणना कार्य के दौरान हमले और बाद में मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिक्षक अनूप ने वीरवार से आंबेडकर चौक पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशनकारी ने एसडीएम, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारियों पर नौकरी से हटाने की धमकी देने के साथ जातिसूचक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है। अनशन पर बैठे शिक्षक ने बताया कि विवाद की शुरुआत जनगणना ड्यूटी के दौरान हुई थी। शिक्षक के अनुसार उस दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम को दी और सुरक्षा मांगी लेकिन सुरक्षा देने के बजाय उन्हें धमकाया गया।
छात्राओं के आरोप बेबुनियाद, यह उनकी नौकरी खत्म करने की साजिश
पीड़ित ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति से होने के कारण उनसे जाति पूछकर कहा गया कि आप लोग यहां तक आ गए वही बड़ी बात है। ड्यूटी करो वरना नौकरी से बर्खास्त कर देंगे। शिक्षक का कहना है कि डीजीपी, सीएम विंडो, मानवाधिकार आयोग समेत सभी जगह शिकायत दे चुके हैं और सभी सबूत उनके पास हैं। हाल ही में छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह उनकी नौकरी खत्म करने की साजिश है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसकी जांच टोहाना-फतेहाबाद प्रशासन के किसी भी कर्मचारी से जांच न करवाई जाए। अनशनकारी ने कहा कि न्याय मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा।
शिक्षक अनूप पर छात्राओं के आरोप मामले में खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश से बातचीत करते हुए हरिया