संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में शनिवार को 460 बैग डीएपी खाद वितरित की गई। इसी प्रकार, 500 बैग गेहूं के बीज वितरित किए गए।
गेहूं के बीज की विभिन्न प्रकार की किस्में मंगवाई गई हैं। शनिवार को गेहूं के बीज के 1400 बैग और पहुंच गए हैं। 10 दिन पहले गेहूं के बीज के 2400 बैग आए थे। किसानों को इस समय डीएपी की ज्यादा जरूरत बनी हुई है। डीएपी खाद का वितरण जमीन के हिसाब से करने की वजह से अब केंद्रों में भीड़ खत्म हो गई है। केंद्र पर जमीन का विवरण जमा करवाने के बाद खाद मुहैया करवा दी जाती है।
इस समय किसान सरसों की बिजाई करने में जुटे हैं। सरसों की बिजाई से पूर्व किसान खेत में डीएपी खाद डालते हैं ताकि अच्छी पैदावार मिल सके। जिले में इस बार करीब एक लाख 50 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। इसी प्रकार, गेहूं की बिजाई का आंकड़ा एक लाख एकड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
शून्य से डेढ़ एकड़ तक एक बैग डीएपी खाद दी जा रही है। इसके बाद प्रति एकड़ एक बैग उपलब्ध कराया जाता है। जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर जमीन का विवरण दर्ज करवा रखा है उनको ही खाद दी जा रही है। यह नियमावली लागू करने के बाद अब डीएपी के लिए वितरण केंद्रों के बाहर लंबी लाइन नहीं लगती है।
शुक्रवार को जिले में 10 हजार बैग डीएपी खाद पहुंची थी। इस खाद का वितरण दादरी, बाढड़ा, कादमा, डाढ़ी बाना, अटेला व बौंदकलां सहित कई पैक्स समितियों में किया जा रहा है।
इस संबंध में जमींदारा सोसायटी से आकाश कुमार ने बताया कि किसानों को डीएपी, यूरिया व गेहूं का बीज पर्याप्त मात्रा में दिया जा रहा है। शनिवार को 460 बैग डीएपी व 500 बैग गेहूं के बीज के वितरित किए गए हैं।