15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा प्रशिक्षण
केआईटीई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के. अनवर सादत ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लगभग 4.5 लाख छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।
लिटिल काइट्स के नेतृत्व में आयोजित होंगी कार्यशालाएं
यह रोबोटिक्स कार्यशालाएं देश के सबसे बड़े छात्र-आधारित आईटी नेटवर्क ‘लिटिल काइट्स’ (Little KITES) के नेतृत्व में आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम को विशेष रूप से कक्षा 10 की संशोधित आईटी पाठ्यपुस्तक में शामिल रोबोटिक्स से जुड़े विषयों के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि छात्र इस वर्ष होने वाली एसएसएलसी (SSLC) परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें।
दो सत्रों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो प्रमुख सत्रों में बांटा गया है। पहले सत्र में छात्रों को रोबोटिक्स के महत्व और इसके विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें छात्रों को रोबोटिक सिस्टम के बुनियादी हिस्सों जैसे इनपुट (सेंसर), प्रोसेसर (माइक्रोकंट्रोलर) और आउटपुट (एक्चुएटर) के बारे में समझाया जाएगा।
इसके साथ ही छात्रों को केआईटीई द्वारा उपलब्ध कराए गए रोबोटिक किट के मुख्य हिस्सों जैसे आर्डुइनो यूएनओ बोर्ड, ब्रेडबोर्ड और एलईडी के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
दूसरा सत्र पूरी तरह से प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर आधारित होगा। इसमें छात्र पिक्टोब्लॉक्स (PictoBlox) सॉफ्टवेयर की मदद से ब्लॉक-आधारित कोडिंग सीखेंगे। इस दौरान वे एलईडी को ब्लिंक करना और बजर को संचालित करना जैसे काम करना सीखेंगे।
रोबोटिक किट भी उपलब्ध कराई जाएगी
अनवर सादत ने बताया कि इन कार्यशालाओं का संचालन हर स्कूल में प्रशिक्षित लिटिल काइट्स सदस्यों और मेंटर्स के नेतृत्व में किया जाएगा। प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए हर चार या पांच छात्रों के समूह के लिए एक रोबोटिक किट उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्कूलों में लिटिल काइट्स यूनिट नहीं है, उन्हें पास के स्कूलों की यूनिट की मदद से इन प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं।