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आईआईटी में बेटियों का दबदबा: छह साल बाद आंकड़ा 20% पार, किस आईआईटी में सबसे ज्यादा लड़कियों ने लिया दाखिला?

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Tue, 06 Oct 2026 07:57 AM IST

सार

जेईई एडवांस्ड 2026 के आंकड़ों के मुताबिक आईआईटी में बेटियों की हिस्सेदारी 20.22 फीसदी पहुंच गई है। इस साल 18,861 सीटों में से 3,814 पर छात्राओं ने दाखिला लिया। आईआईटी तिरुपति में सबसे ज्यादा 21.26 फीसदी छात्राओं ने प्रवेश लिया। वहीं, 10,107 बेटियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास की, जबकि एनआईटी में हिस्सेदारी 30 फीसदी तक पहुंची है।
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छह साल बाद बड़ी सफलता, एनआईटी में 30 फीसदी तक पहुंचा - फोटो : AI Generated

 सरकार को इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में बेटियों की हिस्सेदारी 20 फीसदी पहुंचाने के लक्ष्य को छह साल बाद सफलता मिली है। आईआईटी और एनआईटी में बीटेक पाठ्यक्रमों में बेटियों की संख्या बढ़ाने के लिए 2017-18 में 20 फीसदी अतिरिक्त सीट दी गई थी। अब आईआईटी में यह आंकड़ा 20.22 फीसदी जबकि एनआईटी में यह आंकड़ा 30 फीसदी तक पहुंच गया है। इस साल बेटियों ने सबसे अधिक भरोसा आईआईटी तिरुपति और आईआईटी मद्रास पर जताया है। तिरुपति में 21.26 फीसदी तो आईआईटी मद्रास में 21.12 फीसदी बेटियों ने दाखिला लिया है।

सभी 23 आईआईटी द्वारा तैयार जेईई एडवांस्ड 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआईटी और एनआईटी में बेटियों का आंकड़ा बढ़ रहा है। प्रीमियम इंजीनियरिंग संस्थानों में बेटियों का भरोसा बढ़ा है। 2019 से साल दर साल बेटियों की अतिरिक्त सीट बढ़ाने पर काम हुआ था। इसका असर अब दिखने लगा है। इस साल आईआईटी में कुल 18,861 सीटों पर दाखिला हुआ है। जबकि बेटियों ने 3814 सीटों पर दाखिला लिया है। इसमें से आईआईटी बॉम्बे में 19.77 फीसदी, आईआईटी दिल्ली व आईआईटी इंदौर में 20.54 फीसदी, आईआईटी मद्रास में 21.12, आईआईटी तिरुपति में 21.26 फीसदी, आईआईटी कानपुर में 20.39, आईआईटी रुड़की में 20.63 फीसदी, आईआईटी गुवाहाटी में 20.35 फीसदी जबकि आईआईटी खड़गपुर में 19.31, आईआईटी जम्मू, जोधपुर, पलक्कड़ व गोवा में 20 फीसदी, आईआईटी मंडी में 20.12, आईआईटी रोपड़ में 20.20, आईआईटी बनारस में 20.06 फीसदी बेटियों ने दाखिला लिया है।

37 बेटियों ने जेंडर-न्यूट्रल पूल में सीट हासिल की

आईआईटी में दाखिले की कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच 37 महिला उम्मीदवारों ने (जेंडर-न्यूट्रल पूल) के तहत सीटें हासिल की हैं। इसका अर्थ है कि इन 37 बेटियों ने सामान्य श्रेणी के तहत अतिरिक्त सुपर न्यूमेरी सीट की बजाय सामान्य सीटों पर सफलता हासिल की है। बेटियों की अतिरिक्त आरक्षित सीटों पर इस साल 3,814 यानी 20.22 फीसदी दाखिले हुए हैं।

छह साल में बेटियों की हिस्सेदारी बढ़ी

छह साल में जेईई-एडवांस्ड 2026 में सबसे अधिक बेटियों ने क्वालिफाई किया है। यानी क्वालिफाई करने वाले प्रति पांच लड़कों पर एक बेटी है। इस प्रकार पिछले साल की तुलना में बेटियों की सफलता दर 21.7 फीसदी से बढ़कर 23.4 फीसदी पार कर गई है। दरअसल, जेईई एडवांस्ड के लिए 43,112 बेटियों ने पंजीकरण तो 40,562 ने परीक्षा दी। इसमें से 10,107 ने क्वालिफाई किया है। हर चार बेटियों में से एक ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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छह साल बाद बड़ी सफलता, एनआईटी में 30 फीसदी तक पहुंचा - फोटो : AI Generated
 सरकार को इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में बेटियों की हिस्सेदारी 20 फीसदी पहुंचाने के लक्ष्य को छह साल बाद सफलता मिली है। आईआईटी और एनआईटी में बीटेक पाठ्यक्रमों में बेटियों की संख्या बढ़ाने के लिए 2017-18 में 20 फीसदी अतिरिक्त सीट दी गई थी। अब आईआईटी में यह आंकड़ा 20.22 फीसदी जबकि एनआईटी में यह आंकड़ा 30 फीसदी तक पहुंच गया है। इस साल बेटियों ने सबसे अधिक भरोसा आईआईटी तिरुपति और आईआईटी मद्रास पर जताया है। तिरुपति में 21.26 फीसदी तो आईआईटी मद्रास में 21.12 फीसदी बेटियों ने दाखिला लिया है।

सभी 23 आईआईटी द्वारा तैयार जेईई एडवांस्ड 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआईटी और एनआईटी में बेटियों का आंकड़ा बढ़ रहा है। प्रीमियम इंजीनियरिंग संस्थानों में बेटियों का भरोसा बढ़ा है। 2019 से साल दर साल बेटियों की अतिरिक्त सीट बढ़ाने पर काम हुआ था। इसका असर अब दिखने लगा है। इस साल आईआईटी में कुल 18,861 सीटों पर दाखिला हुआ है। जबकि बेटियों ने 3814 सीटों पर दाखिला लिया है। इसमें से आईआईटी बॉम्बे में 19.77 फीसदी, आईआईटी दिल्ली व आईआईटी इंदौर में 20.54 फीसदी, आईआईटी मद्रास में 21.12, आईआईटी तिरुपति में 21.26 फीसदी, आईआईटी कानपुर में 20.39, आईआईटी रुड़की में 20.63 फीसदी, आईआईटी गुवाहाटी में 20.35 फीसदी जबकि आईआईटी खड़गपुर में 19.31, आईआईटी जम्मू, जोधपुर, पलक्कड़ व गोवा में 20 फीसदी, आईआईटी मंडी में 20.12, आईआईटी रोपड़ में 20.20, आईआईटी बनारस में 20.06 फीसदी बेटियों ने दाखिला लिया है।

37 बेटियों ने जेंडर-न्यूट्रल पूल में सीट हासिल की

आईआईटी में दाखिले की कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच 37 महिला उम्मीदवारों ने (जेंडर-न्यूट्रल पूल) के तहत सीटें हासिल की हैं। इसका अर्थ है कि इन 37 बेटियों ने सामान्य श्रेणी के तहत अतिरिक्त सुपर न्यूमेरी सीट की बजाय सामान्य सीटों पर सफलता हासिल की है। बेटियों की अतिरिक्त आरक्षित सीटों पर इस साल 3,814 यानी 20.22 फीसदी दाखिले हुए हैं।

छह साल में बेटियों की हिस्सेदारी बढ़ी

छह साल में जेईई-एडवांस्ड 2026 में सबसे अधिक बेटियों ने क्वालिफाई किया है। यानी क्वालिफाई करने वाले प्रति पांच लड़कों पर एक बेटी है। इस प्रकार पिछले साल की तुलना में बेटियों की सफलता दर 21.7 फीसदी से बढ़कर 23.4 फीसदी पार कर गई है। दरअसल, जेईई एडवांस्ड के लिए 43,112 बेटियों ने पंजीकरण तो 40,562 ने परीक्षा दी। इसमें से 10,107 ने क्वालिफाई किया है। हर चार बेटियों में से एक ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।
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