एलजी की शक्तियों के मुद्दे पर भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। भाजपा सांसद ने कहा कि अराजक सरकार के कार्यकाल में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने का परिणाम गृह युद्ध के रूप में सामने आएगा। उन्होंने देश की राजधानी होने के नाते इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से केंद्र सरकार पर है।
लोकसभा में जीएनसीटीडी संशोधन बिल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली को चंडीगढ़ की तरह दो राज्यों के विवाद या पांडिचेरी की तरह औपनिवेशिक धरोहर या फिर अंडमान निकोबार की तरह सामरिक महत्व के कारण केंद्र शासित प्रदेश नहीं बनाया गया है। इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया क्योंकि यहां देश की राजधानी है और इसका संबंध पूरे देश से है। देश की राजधानी होने के कारण इसकी पहली जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है।
संशोधन बिल में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली में सरकार का मतलब उपराज्यपाल से है। केजरीवाल सरकार और उनकी पार्टी इस बिल का पुरजोर विरोध कर रही है। बिल का समर्थन करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि इससे उपराज्यपाल और सरकार की शक्तियों को लेकर भ्रम दूर होगा।
उन्होंने कहा कि चूंकि किसी भी बिल को रोकने का अधिकार पहले से उपराज्यपाल को है तो बेहतर होगा कि कोई नया बिल या कानून लाए जाने से पूर्व ही उनकी अनुमति ले ली जाए। केंद्र में भाजपा के शासनकाल में शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री थी तो कांग्रेस के केंद्रीय शासन काल में भाजपा दिल्ली की सत्ता में थी लेकिन इस तरह का संवैधानिक संकट पैदा नहीं हुआ था।