दिल्ली कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में कानून विभाग से संबंधित अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसके तहत दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (डीएचजेएस) के लिए 42 अतिरिक्त पदों और सहायक कर्मचारियों के पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। दिल्ली में 22 वाणिज्यिक न्यायालय स्थापित करने का भी अहम निर्णय लिया गया है। इससे मामलों का जल्द निपटारा होगा।
दिल्ली कैबिनेट नोट के मुताबिक न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय भारत सरकार की ओर से एक डाटा का विश्लेषण किया गया है। दुनिया भर में वाणिज्यिक विवादों के निपटारे के लिए की सबसे बेहतर समय सीमा 164 दिन का है। दिल्ली में वाणिज्यिक विवाद निपटारे में 747 दिन लग रहे हैं जबकि मुबई के लिए यह 182 दिन है।
दिल्ली के कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार ईज ऑफ डूइंग बिजनस में सुधार कर रही है। कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला सिर्फ लक्ष्य हासिल करने के लिए नहीं बल्कि विश्वभर में वाणिज्यिक विवादों के निपटारे के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया के अध्ययन के बाद लिया गया फैसला है। अतिरिक्त वाणिज्यिक न्यायालयों और संसाधनों में बढ़ोतरी से मामलों का शीघ्र निपटारा हो सकेगा।