2024 में 34,539 मौतें दर्ज की गईं
2024 में निमोनिया से लगभग 5,000 लोगों की मौत हुई। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी गंभीर खतरा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अधिकतर मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे। मौतों में से 81.76 फीसदी यानी 2,69,703 मरीज अस्पतालों में ही दम तोड़ गए। 2024 में कुल 34,539 मौतें दर्ज की गईं, जो पिछले 20 साल में सबसे ज्यादा हैं। वहीं, 2010 में सबसे कम 8,236 मौतें हुई थीं।
बच्चे हो रहे सबसे अधिक शिकार
निमोनिया से होने वाली मौतों में 2021 में सबसे ज्यादा 6,751 मामले सामने आए। बच्चों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जबकि 65 साल से ऊपर बुजुर्गों में 11,393 मौतें हुईं। अस्पतालों में दर्ज मौतों का प्रतिशत 69.10 से 99.90 फीसदी के बीच रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में बढ़ती उम्र और प्रदूषण के कारण दिल और फेफड़ों की बीमारियों से मौत का खतरा लगातार बढ़ रहा है।