किराये छू रहे आसमान
लोगों का कहना है कि त्योहार नजदीक आते ही बस संचालकों की मनमानी शुरू हो जाती है। किराये को लेकर कोई नियम न होने से प्राइवेट बस संचालक मनमानी करते हैं। सेक्टर अल्फा-दो निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि एक हफ्ते पहले से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, नॉलेज पार्क के हॉस्टल में रहने वाले हर्ष ने बताया कि बुकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, इन दिनों ग्रेटर नोएडा से लखनऊ का किराया औसतन 3423 रुपये, कानपुर का 2876, गोरखपुर का 3510 और प्रयागराज का 3675 रुपये तक पहुंच जाता है।
हर साल की यही स्थिति है। त्योहारों पर घर जाने के लिए तीन से चार गुना किराया देना पड़ता है। इस पर लगाम लगनी चाहिए। - विनय कुमार
सामान्य दिनों में 800 रुपये में घर पहुंच जाता हूं। अब 3400 से 3800 रुपये बस का किराया पहुंच चुका है। छात्र इतने पैसे कैसे दे। - हरतेश तिवारी
किराया ज्यादा है। इसलिए होली पर घर जाना कैंसिल कर दिया। त्योहार बाद ही सोचूंगा। - अभिषेक पटेल