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Noida News: पहले स्वीकृत किया अवकाश, फिर निलंबित कर वेतन रोका

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सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग में छुट्टी, निलंबन, बहाली के नाम पर खेल नहीं थम रहा। पिछले दिनों बीएसए ने कथित गैरहाजिरी को संज्ञान में लेकर 24 घंटे के भीतर चार शिक्षकों को निलंबित और सात का वेतन रोक दिया था। अब पता चला है कि जिस तिथि को गैरहाजिर दर्शाते हुए कार्रवाई की गई, उस तिथि को सभी आठ शिक्षकों का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत था। एक शिक्षिका 25 नवंबर तक बाल्य देखभाल अवकाश पर है।
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27 अक्तूबर को नगवां ब्लाक के छह विद्यालयों पर ताला लटकने के आरोप लगे थे। इस पर डीएम ने बीएसए से जानकारी मांगी तो अगले दिन चार शिक्षकों को निलंबित और सात का वेतन रोक दिया गया। इसमें कई को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई।
प्राथमिक विद्यालय सियरिया के जिस सहायक अध्यापक दिनेश कुमार वर्मा को निलंबित किया गया उनका मानव संपदा पोर्टल पर विभागीय प्रक्रिया के तहत उसी तिथि को आकस्मिक अवकाश स्वीकृत था। कंपोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक रवि सिंह पटेल, प्रवीण कुमार, विमलेश कुमार, रामनरेश अनुदेशक कला शिक्षा आकस्मिक अवकाश पर थे। यहां की शिक्षिका अंजली कुमारी 27 अक्तूबर से 25 नवंबर तक के लिए बाल्य देखभाल अवकाश पर चली गई थीं।
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प्राथमिक विद्यालय धोबी के सहायक अध्यापक संजीव कुमार सिंह का भी आकस्मिक अवकाश स्वीकृत था लेकिन इन सभी का वेतन रोक दिया गया। इसमें अधिकांश को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई। मामले की जांच बीईओ नगवां धनंजय सिंह को सौंपी गई है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर अवकाश स्वीकृत था तो फिर निलंबन-प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई किस आधार पर की गई।
अगर कार्रवाई सही है तो मानव संपदा पोर्टल पर अवकाश कैसे स्वीकृत हुआ? कहीं निलंबन-बहाली, कार्रवाई-खारिज करने का खेल तो नहीं खेला जा रहा है इसको लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं।
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