संवाद न्यूज एजेंसी
तरनतारन। उपायुक्त तरनतारन राहुल आईएएस के निर्देशानुसार, सूचना, शिक्षा एवं प्रसार गतिविधियों के अंतर्गत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ब्लॉक खडूर साहिब के अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मियां विंड में पराली प्रबंधन पर आशा कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर पराली जलाने के दुष्प्रभावों और पराली के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। एसडीएम खडूर साहिब खुशप्रीत सिंह और तहसीलदार सीमा शर्मा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस अवसर पर उप-मंडल मजिस्ट्रेट खुशप्रीत सिंह ने कहा कि पराली जलाने से उत्पन्न होने वाली जहरीली गैस का मनुष्यों, वनस्पतियों और अन्य जानवरों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे श्वसन, नेत्र और त्वचा संबंधी रोग बढ़ जाते हैं। कभी-कभी इससे उत्पन्न धुआं मानव जीवन भी ले लेता है। इसलिए हम सभी को समाज में एक स्वस्थ मानसिकता का निर्माण करने की आवश्यकता है ताकि हमारी पृथ्वी और मानव स्वास्थ्य स्वस्थ रह सके। इस दौरान एसएमओ मियांविंड डॉ. शैलेंद्र सिंह, खंड कृषि अधिकारी खडूर साहिब डॉ. नवतेज सिंह, डॉ. यादविंदर सिंह, डॉ. रुपिंदरजीत सिंह ने स्वास्थ्य कर्मियों को बताया कि यदि धान की पराली को खेत में रखकर बोया जाए तो इससे मिट्टी में मित्र जीवों और पोषक तत्वों की संख्या बढ़ती है। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। वहीं पराली की गांठें बनाकर उससे बिजली और खाद बनाई जा सकती है।
इस अवसर पर क्लस्टर अधिकारी डॉ. यादविंदर सिंह ने कहा कि सरकार समय-समय पर किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर मशीनरी भी उपलब्ध करा रही है, जिसका उपयोग किसान स्वयं खरीदकर या किराए पर लेकर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां विभिन्न विभाग और समाजसेवी संस्थाएं इस कार्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं, वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को भी इसमें अपना योगदान देना चाहिए।