- खनन विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग ने दिए गत वर्ष बैठक में दिए थे आदेश
-अरावली में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए की गई थी व्यवस्था
शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात की अरावली में अवैध खनन को लेकर जिला प्रशासन व खनन विभाग के उच्च अधिकारी पर जब कोई दवाब आता है तो वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। लेकिन उसके बाद वे उस पर कितनी गंभीरता से काम करते हैं, इसकी बानगी बीते साल खनन विभाग के महानिदेशक द्वारा अरावली में अवैध खनन की निगरानी के लिए ड्रोन सर्विलांस शुरू करने के लिए दिए गए आदेशों को देखकर लगाई जा सकती है।
बीते साल मेवात की अरावली में लगातार हो रही अवैध खनन की व पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने की सूचना पर चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी भी हिल गए थे। इस मामले को सरकार ही नहीं विपक्ष ने भी खूब उछाला था। कड़वा सच है खनन विभाग व वन विभाग के साथ पुलिस की मिलीभगत के कारण यहां पिछले कुछ सालों में माफिया अरबों के पत्थर को हजम कर गए। कई महीने पहले माफियाओं ने यहां राजस्थान सीमा से सटे हरियाणा के मेवात जिले के गांव की अरावली में एक बड़ा ब्लास्ट किया। इससे पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिर गया। इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से नींद में सोए हुए अधिकारियों की आंखें खुली। बैठकों का दौर शुरु हुआ तो एक बैठक में खनन विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग ने नूंह खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर नूंह में अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन सर्विलांस जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। लेकिन इन आदेशों को करीब एक वर्ष हो गया, इन पर आज तक अमल नहीं हुआ है।
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राजस्थान का हिस्सा बताकर कर रहे गुमराह :
जिला नूंह के फिरोजपुर झिरका खंड़ के बसई मेव, रवा, नाहारिका, चितौड़ा गांव में भारी अवैध खनन हुआ है। लगभग 2 वर्ष हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर हरियाणा का लगभग 600 मीटर पहाड़ अचानक गिर गया था। जिसको लेकर खनन विभाग और वन विभाग द्वारा खानापूर्ति के लिए मुकदमा भी दर्ज कराए गए, जिसमें कुछ गिरफ्तारी हुई हैं । इन गांवों की सीमा राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी तहसील के पास लगे नागल क्रशर जोन से लगती है। जोन में राजस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लीज लगी हुई है, जिन्हें लीज होल्डर ने राजस्थान सरकार से पट्टे पर लिया हुआ है। राजस्थान के नांगल के लीज होल्डर पूरा फायदा उठाते हैं।
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ब्लास्ट कर पहाड़ को गिराया
नूंह जिले के रवा गांव के पहाड़ को 26 नवंबर 2023 को पिलर नंबर 11 पर से ब्लास्टिंग कर इस पहाड़ को गिरा दिया गया। जिस पर हरियाणा प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए अवैध खनन का एफआईआर 418 नंबर दर्ज हुई थी। इसे पूर्व भी इन अवैध खनन करने वालों पर 27 जनवरी 2023 में मामला दर्ज किया गया है। अवैध खनन के मामले को लेकर पहले भी तीन मुकदमे स्थानीय फिरोजपुर झिरका थाने में दर्ज किए गए हैं।
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तत्कालीन एसडीएम ने माना हो रहा अवैध खनन
फिरोजपुर झिरका की तत्कालीन एसडीएम चिनार चहल ने बताया था कि हरियाणा व राजस्थान के पहाड़ों की नपाई नहीं होने का पूरा फायदा उठाते हुए राजस्थान के लीज होल्डर हरियाणा के पहाड़ों में अवैध खनन करने का कार्य किया। जिसका खुलासा खान एवं भू विज्ञान विभाग हरियाणा पंचकूला की पैमाइश रिपोर्ट 26 जुलाई 2023 में हुआ है। जो अवैध खनन पाया गया है उसकी कीमत अरबों रुपए बनती है। इसको लेकर उन्होंने जिला उपायुक्त को एक पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया है। जिसके बाद अरावली में ड्रोन सेवा शुरू करने को आदेश जारी किए थे।
क्या कहते हैं अधिकारी :
इस मामले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है, ड्रोन सर्विलेंस से निगरानी कराने के लिए कार्रवाई जारी है। जल्द ही एक टीम आएगी जो अरावली के क्षेत्रफल का निरीक्षण करेगी, उसके बाद तय किया जाएगा कितने ड्रोन इस कार्य में लगाए जाएं, उम्मीद है एक सप्ताह बाद इस पर काम शुरु हो जाएगा।
- अखिल पिलानी, उपायुक्त नूंह।