तेल और गैस सेक्टर में नई संभावनाएं तलाशने के लिए ओएनजीसी नेशनल गैस हाइड्रेट प्रोग्राम एक्सपेडिशन-2 पर कार्य करेगा।
केंद्र सरकार ने ओएनजीसी को इसका जिम्मा सौंपा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अधिक गहराई वाले समुद्र तल से गैस को निकाला जाना है। गैस के नए भंडार खोजने और निकालने में इससे मदद मिलेगी। ओएनजीसी के लिए सबसे बढ़ी चुनौती इसकी टेक्नोलॉजी विकसित करने की है, जिसके लिए संस्थान ने कार्य शुरू कर दिया है।
नई जिम्मेदारी से उत्साहित ओएनजीसी के सीएमडी डीके सर्राफ ने बताया कि समुद्र तल पर तापमान बहुत अधिक गिर जाता है। ऐसे कई स्पॉट हैं, जहां इस गहराई में तापमान और दबाव को झेलकर वहां ड्रिलिंग करना बेहद मुश्किल है।
इस गहराई पर अभूतपूर्व गैस है, जिसे गैस हाईड्रेट कहा जाता है। यहां से इतनी अधिक गैस पैदा हो सकती है, जिसका अनुमान लगाना मुश्किल है। वर्तमान में हमारे पास टेक्नालाजी नहीं है, लेकिन इस दिशा में हम अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कब परिणाम देगी, अभी कहना मुश्किल है, लेकिन जल्द अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है।