- मुख्यमंत्री ने सचिवालय में सिंचाई और वन विभाग की बैठक ली
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को वन भूमि पर होने वाले अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में हुई बैठक में उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, वनाग्नि रोकथाम के लिए मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आस-पास के लोगों से विभाग नियमित समन्वय बनाए। फायर लाइन की समय रहते सफाई की जाए, वहीं, वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के तहत नदियों के संरक्षण के काम एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी कार्य समय से कर लिए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग ने जल संरक्षण, संवर्द्धन एवं संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं तालाब निर्माण किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से राज्य में 708 चेक डैम बनाए गए हैं। विभाग ने ऊधमसिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की है। जिससे वार्षिक लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रिचार्ज हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि नौ वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा के माध्यम से 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। कैंपा योजना के तहत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।