-यूपीसीएल के पास केंद्रीय व राज्य पूल से केवल 2.1 करोड़ यूनिट बिजली
-बाकी की पूर्ति बाजार या पावर बैंकिंग से कर रहा है यूपीसीएल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के बीच बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को मांग ने 4.6 करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया। मांग और बढ़ने की सूरत में यूपीसीएल के लिए आपूर्ति की चुनौती बढ़ सकती है।
प्रदेशभर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और बर्फबारी के बाद बिजली की मांग का ग्राफ भी बढ़ रहा है। पांच दिनों के भीतर की प्रदेश में मांग 30 लाख यूनिट तक बढ़ गई। पहले 4.3 करोड़ यूनिट चल रही थी जो कि शुक्रवार को 4.6 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। मांग के सापेक्ष उपलब्धता की स्थिति देखें तो काफी चुनौतीपूर्ण हालात हैं। वर्तमान में यूजेवीएनएल से महज 70 से 75 लाख यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। केंद्रीय पूल से भी 1.4 करोड़ यूनिट बिजली ही मिल पा रही है।
कुल मिलाकर राज्य और केंद्रीय पूल से 2.1 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है। करीब 1.8 करोड़ यूनिट बिजली की पूर्ति तो पावर बैंकिंग या बिजली खरीद से की जा रही है। करीब 60 लाख यूनिट बिजली इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी जा रही है। ऐसे में अगर बिजली की मांग और बढ़ी तो यूपीसीएल के लिए रोजाना का इंतजाम करना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। फिलहाल यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य का कहना है कि कहीं भी कटौती नहीं की जा रही है। सभी जगह सुचारू आपूर्ति हो रही है।