प्रदेश में वर्तमान में 2 लाख 74 हजार 828 महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें करीब 29 लाख 96 हजार 147 'दीदी' जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा भी दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इस रेडियो कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की उन सफल महिलाओं की कहानियां सुनाई जा रही हैं, जिन्होंने कठिनाइयों को पार करते हुए अपने दम पर आर्थिक मजबूती व सामाजिक पहचान हासिल की।
इन कहानियों से अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और उन्हें यह जानने का अवसर मिलेगा कि छत्तीसगढ़ की 'बिहान दीदी' किस तरह नवाचार करते हुए नई मिसाल कायम कर रही हैं। विजय शर्मा ने बताया कि आज छत्तीसगढ़ की हजारों महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। बिहान योजना ने उनके जीवन को बदल दिया है। कभी आर्थिक संघर्ष में जूझ रही महिलाएं अब अपनी मेहनत व आत्मविश्वास से न केवल अपने परिवार को संबल दे रही हैं, बल्कि समाज में एक सम्मानजनक स्थान भी प्राप्त कर चुकी हैं।