महज 10 दिनों में पेट्रोल चार बार महंगा होकर 97.27 रुपये से बढ़कर 101.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 85.25 रुपये से बढ़कर 89.47 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पेट्रोल की कीमत में 2.54 और डीजल की कीमत में 2.53 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने अब ट्रांसपोर्ट और टैक्सी सेवाओं की रफ्तार भी महंगी कर दी है। शहर में कैब, ऑटो और माल ढुलाई का खर्च पांच से दस फीसदी तक बढ़ गया है। उद्योग जगत का कहना है कि बढ़ती ढुलाई लागत का असर जल्द ही बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देगा।
चंडीगढ़ उपभोक्ता वस्तुओं और औद्योगिक कच्चे माल के लिए बड़े स्तर पर दूसरे राज्यों पर निर्भर है। ऐसे में ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर पड़ा है। ट्राइसिटी में संचालित छह से सात हजार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी इससे प्रभावित हो रही हैं।
किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया
चंडीगढ़ एप बेस्ड वर्कर यूनियन के प्रेसिडेंट साहिल कुमार ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने हमारा मार्जिन खत्म कर दिया है। कमाई लगातार घट रही है। इसके खिलाफ हम धरना देंगे। वहीं टैक्सी कंपनी के संचालक निर्मल कुमार शुक्ला ने कहा कि अब प्रति किलोमीटर करीब चार रुपये का अतिरिक्त बोझ आ रहा है इसलिए किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
टैक्सी किराए में बढ़ोतरी (वन वे)
रूट पहले किराया अब किराया
चंडीगढ़- दिल्ली 2,600 3,150
चंडीगढ़ - शिमला 2,700 3,200
चंडीगढ़ - मनाली 6,800 7,500
चंडीगढ़ - अमृतसर 3,500 4,500
ऐसे बढ़ते गए पेट्रोल-डीजल के दाम
15 मई
डीजल 2.80 महंगा
पेट्रोल 97.27
डीजल 85.25 प्रति लीटर
19 मई
पेट्रोल 83 पैसे, डीजल 84 पैसे बढ़ा
पेट्रोल 98.10, डीजल 86.09 प्रति लीटर
23 मई
पेट्रोल-डीजल दोनों 85-85 पैसे महंगे
पेट्रोल 98.97, डीजल 86.94 प्रति लीटर
25 मई
पेट्रोल 2.54 और डीजल 2.53 महंगा
पेट्रोल 101.51, डीजल 89.47 प्रति लीटर
अब तक हमने कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ाई थीं लेकिन अब वृद्धि करना मजबूरी हो गई है। नई बुकिंग में नए दाम ही लागू होंगे।
-बजरंग शर्मा, गवर्निंग मेंबर, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस
बड़ी गाड़ियों और ट्रालों के संचालन की लागत काफी बढ़ चुकी है। इसका असर बाजार में आने वाले हर उत्पाद पर पड़ेगा।
-केके अबरोल, चेयरमैन, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
फार्मा सेक्टर में पहले ही कच्चा माल महंगा है और अब ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से महंगाई और बढ़ेगी।
-अरुण गोयल, उद्यमी
चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली की इंडस्ट्री बाहरी राज्यों से आने वाले रॉ मैटेरियल पर निर्भर है इसलिए उत्पादन लागत पर सीधा असर पड़ना तय है।
-सीबी गोयल, उद्यमी