{"_id":"6adabc6a08f14a5f270dd9ec","slug":"vladimir-putin-on-europe-russia-ukraine-peace-talks-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘रूस को रणनीतिक रूप से नहीं हरा सकते’: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यूरोप को दो टूक संदेश; यूक्रेन पर क्या बोले?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
‘रूस को रणनीतिक रूप से नहीं हरा सकते’: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यूरोप को दो टूक संदेश; यूक्रेन पर क्या बोले?
Fri, 23 Oct 2026 07:16 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, मॉस्को।
एएनआई, मॉस्को।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:16 AM IST
पुतिन ने यूरोप पर रूस के साथ युद्ध को लेकर डर फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यूरोप रूस को रणनीतिक रूप से नहीं हरा सकता। उन्होंने यूक्रेन को भाईचारे वाला देश बताते हुए संघर्ष का समाधान बातचीत से निकालने की बात कही। पुतिन ने रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने की पुष्टि की। इस बीच, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रयासों के तहत पुतिन से मुलाकात की।
विज्ञापन
व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि रूस के साथ युद्ध की तैयारी को लेकर डर फैलाना ‘राजनीतिक विक्षिप्तता’ है। उन्होंने दावा किया कि यूरोप रणनीतिक रूप से रूस को नहीं हरा सकता। पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देश रूस से खतरे की बात करते हैं, लेकिन वे खुद भी रूस के साथ युद्ध नहीं चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि रूस की ऐसी कोई इच्छा नहीं है।
रूस-यूक्रेन वार्ता पर क्या बोले?
पुतिन ने कहा कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति बनी है। रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, इससे पहले पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया था कि बातचीत 10 नवंबर के बाद फिर शुरू होगी। पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेन संघर्ष का समाधान निकालने के लिए बातचीत की पूरी कोशिश करेगा।
विज्ञापन
यूक्रेन को बताया ‘भाईचारे वाला देश’
पुतिन ने यूक्रेन को ‘भाईचारे वाला देश’ बताते हुए दावा किया कि हालिया आनुवंशिक अध्ययनों से पता चलता है कि रूसी और यूक्रेनी वास्तव में एक ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सरकार पर हमला बोलते हुए पुतिन ने आरोप लगाया कि वह अपने नागरिकों को ‘तोप का चारा’ समझती है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी नागरिकों को सड़कों से उठाकर मोर्चे पर भेजा जा रहा है।
यह भी पढ़ें: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही: कई बार कांपी धरती, 16 की मौत; चीन-म्यांमार में भी लगे झटके
अमेरिकी दूत की पुतिन से मुलाकात क्यों हुई?
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग में उनसे अहम बातचीत की। इसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रस्तावों को आगे बढ़ाना और व्यापक वार्ता का रास्ता तैयार करना था। इससे पहले विटकॉफ ने मंगलवार को नॉर्वे में जेलेंस्की से मुलाकात की थी। सीएनएन के मुताबिक, उस बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा था कि ओस्लो में हुई ‘उत्पादक’ बातचीत के नतीजों की समीक्षा भी उनके एजेंडे में शामिल थी।
रूस और यूक्रेन में कब से है तनाव?
रूस और यूक्रेन के बीच विवाद की जड़ें 2014 तक जाती हैं, जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूसी समर्थित अलगाववादियों तथा यूक्रेनी सेना के बीच संघर्ष शुरू हो गया। 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया। इसके चार दिन बाद बेलारूस में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई और 29 मार्च 2022 को तुर्किये के इस्तांबुल में भी वार्ता हुई, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण, यूक्रेन की तटस्थता और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। मई 2025 में तुर्किये में फिर सीधी बातचीत हुई। इसके बाद 2026 की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता से 23-24 जनवरी, 4-5 फरवरी और 17-18 फरवरी को वार्ता के दौर हुए।
फरवरी के बाद बातचीत की प्रक्रिया में करीब छह महीने का अंतराल आया। सितंबर 2026 में अमेरिका की अगुवाई में नए सिरे से कूटनीतिक प्रयास शुरू हुए। अब 21 अक्तूबर को अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात के बाद पुतिन ने नवंबर में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। हालांकि, क्षेत्रीय नियंत्रण और दोनों देशों की सुरक्षा गारंटी जैसे अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं।
विज्ञापन
पुतिन ने कहा कि पिछली सदियों में भी जिन लोगों ने रूस को हराने की कोशिश की, उन्हें आखिरकार यह समझ आया कि रूस से दोस्ती करना बेहतर है। उन्होंने यूरोपीय देशों के रूस से खतरे की आशंका जताने वाले बयानों पर सवाल उठाया।
विज्ञापन
पुतिन ने कहा कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति बनी है। रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, इससे पहले पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया था कि बातचीत 10 नवंबर के बाद फिर शुरू होगी। पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेन संघर्ष का समाधान निकालने के लिए बातचीत की पूरी कोशिश करेगा।
विज्ञापन
यूक्रेन को बताया ‘भाईचारे वाला देश’
पुतिन ने यूक्रेन को ‘भाईचारे वाला देश’ बताते हुए दावा किया कि हालिया आनुवंशिक अध्ययनों से पता चलता है कि रूसी और यूक्रेनी वास्तव में एक ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सरकार पर हमला बोलते हुए पुतिन ने आरोप लगाया कि वह अपने नागरिकों को ‘तोप का चारा’ समझती है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी नागरिकों को सड़कों से उठाकर मोर्चे पर भेजा जा रहा है।
यह भी पढ़ें: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही: कई बार कांपी धरती, 16 की मौत; चीन-म्यांमार में भी लगे झटके
अमेरिकी दूत की पुतिन से मुलाकात क्यों हुई?
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग में उनसे अहम बातचीत की। इसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रस्तावों को आगे बढ़ाना और व्यापक वार्ता का रास्ता तैयार करना था। इससे पहले विटकॉफ ने मंगलवार को नॉर्वे में जेलेंस्की से मुलाकात की थी। सीएनएन के मुताबिक, उस बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा था कि ओस्लो में हुई ‘उत्पादक’ बातचीत के नतीजों की समीक्षा भी उनके एजेंडे में शामिल थी।
रूस और यूक्रेन में कब से है तनाव?
रूस और यूक्रेन के बीच विवाद की जड़ें 2014 तक जाती हैं, जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूसी समर्थित अलगाववादियों तथा यूक्रेनी सेना के बीच संघर्ष शुरू हो गया। 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया। इसके चार दिन बाद बेलारूस में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई और 29 मार्च 2022 को तुर्किये के इस्तांबुल में भी वार्ता हुई, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण, यूक्रेन की तटस्थता और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। मई 2025 में तुर्किये में फिर सीधी बातचीत हुई। इसके बाद 2026 की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता से 23-24 जनवरी, 4-5 फरवरी और 17-18 फरवरी को वार्ता के दौर हुए।
फरवरी के बाद बातचीत की प्रक्रिया में करीब छह महीने का अंतराल आया। सितंबर 2026 में अमेरिका की अगुवाई में नए सिरे से कूटनीतिक प्रयास शुरू हुए। अब 21 अक्तूबर को अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात के बाद पुतिन ने नवंबर में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। हालांकि, क्षेत्रीय नियंत्रण और दोनों देशों की सुरक्षा गारंटी जैसे अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं।