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टेक्सास के स्कूलों का काला सच: धक्का-मुक्की व मजाक पर मासूमों को हथकड़ी, कितने बच्चे कोर्ट हुई कोर्ट में पेशी?

Fri, 16 Oct 2026 07:22 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, ऑस्टिन/सैन एंटोनियो।
एजेंसी, ऑस्टिन/सैन एंटोनियो। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 16 Oct 2026 07:22 AM IST
सार
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अमेरिका के टेक्सास में स्कूलों की छोटी-मोटी गलतियों पर 10 से 13 साल के हजारों बच्चों को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश किया गया है। फोन छीनने, धक्का-मुक्की और मजाक में धमकी देने जैसी घटनाओं में बच्चों पर पुलिस कार्रवाई हुई। आखिर बच्चों को अपराधियों की तरह पकड़ने वाली इस व्यवस्था के पीछे क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Texas Schools Children Handcuffed 4800 Students Appear in Court
टेक्सास के स्कूलों में बच्चों पर कार्रवाई का चौंकाने वाला आंकड़ा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिका के टेक्सास में स्कूलों को गन-कल्चर और बंदूकधारियों के हमलों से बचाने के लिए एक दशक पहले अरबों डॉलर खर्च करके हर कैंपस में पुलिस अधिकारियों की तैनाती का कड़ा कानून बनाया गया था।
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मकसद था, मासूमों को अपराधियों से बचाना, लेकिन इस सख्त कानून का एक भयावह नतीजा सामने आ रहा है। स्कूलों में छोटी-मोटी बदमाशी, वेपिंग या मामूली बहस करने वाले 10 से 13 साल के हजारों बच्चों को देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में घसीटा जा रहा है। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के बच्चों को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में भी पेश किया जा रहा है। टेक्सास जुवेनाइल जस्टिस डिपार्टमेंट के आधिकारिक आंकड़े ऐसा चौंकाने वाला सच उजागर कर रहे हैं जो आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और बाल अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2014 से अब तक टेक्सास में 10 से 13 साल के मासूम बच्चों के खिलाफ स्कूली घटनाओं के बाद 47,000 से अधिक बार आपराधिक रेफरल जारी किए गए हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अकेले 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में 4,800 से ज्यादा छोटे बच्चों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यह संख्या 10 साल पहले के मुकाबले एक तिहाई (33%) से अधिक है।  
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गंभीर अपराध नहीं लेकिन पुलिस ने कसा शिकंजा : सबसे चिंताजनक बात यह है कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश बच्चों पर कोई गंभीर हिंसा करने का आरोप नहीं था। वे वैपिंग या धूम्रपान करने, दोस्तों से धक्का-मुक्की, मजाक में धमकी देने या फिर शिक्षकों के सामने जबान चलाने जैसे बेहद मामूली मामलों में पुलिस के शिकंजे में फंसे।
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3 घटनाएं...जब स्कूल के अनुशासन ने तबाह किए परिवार
एलपासो काउंटी : फोन छीनने की एक सामान्य घटना पर जब 10 साल के बच्चे ने वाइस प्रिंसिपल को पैर मार दिया, तो उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। दो महीने बाद हालांकि केस वापस ले लिया गया लेकिन इस लंबी कानूनी लड़ाई में उसकी मां वकीलों को फीस चुकाते-चुकाते कर्जदार हो गई। बच्चा मानसिक रूप से इतना डर गया कि उसकी पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई और अंततः पूरे परिवार को शहर छोड़कर जाना पड़ा।


गैल्वेस्टन काउंटी : अगस्त 2024 में एक 12 वर्षीय बच्ची को अनुशासनहीनता के आरोप में प्रिंसिपल ऑफिस भेजा गया। जब उसने लॉबी में जाने से मना कर दिया, तो पुलिस अफसर ने महज 4 सेकेंड की मोहलत देकर उसके हाथों में पीछे से हथकड़ी डाल दी। थाने ले जाकर फिंगरप्रिंट न देने पर उसकी बांह मरोड़ी गई और चिल्लाने पर पुलिस चीफ ने उसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर डालने की धमकी तक दे डाली।

लुबॉक काउंटी : ऑटिज्म और बौद्धिक अक्षमता से पीड़ित 12 साल के एक बच्चे का फोन छीनने पर जब उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा और उसने गुस्से में टीचर से कहा, मेरी इज्जत करो वर्ना मार दिए जाओगे। बस फिर क्या था दो पुलिस अधिकारियों ने उसे जमीन पर पटककर हथकड़ियां पहना दीं।
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