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Sri Lanka: जाफना में तमिलों को उनकी भूमि लौटाएगी सरकार, राष्ट्रपति दिसानायके बोले- हम इस पर तेजी से कर रहे काम
Fri, 31 Jan 2025 07:44 PM IST
शिव शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 31 Jan 2025 07:44 PM IST
पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद दिसानायके शुक्रवार को पहली बार जाफना पहुंचे। अपनी इस यात्रा पर उन्होंने भारतीय मूल के तमिलों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी जमीनें लौटा दी जाएंगी।
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अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका के राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
विस्तार
श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने जाफना के तमिलों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही उनकी जमीनें लौटा दी जाएंगी, जिसे सेना ने लिट्टे के खिलाफ लड़ाई के दौरान सैन्य उद्देश्यों के लिए अपने कब्जे में ली थी। जाफना तमिल बाहुल्य श्रीलंका के उत्तरी प्रांत की राजधानी है।
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पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद दिसानायके शुक्रवार को पहली बार जाफना पहुंचे। अपनी इस यात्रा पर उन्होंने भारतीय मूल के तमिलों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी जमीनें लौटा दी जाएंगी। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा कि भूमि को उसके असली मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही दिसानायके ने कहा कि सरकार के पास देश में कहीं भी भूमि को विकास परियोजनाओं या सुरक्षा मकसद से अपने कब्जे में लेने का अधिकार होता है।
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80 के दशक में लिट्टे के खिलाफ लड़ाई के दौरान श्रीलंकाई सेना ने तमिल बाहुल्य जाफना के पलाली सैन्य अड्डे के आसपास उच्च सुरक्षा जोन बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जमीनों को अपने कब्जे में लेना शुरू किया था। श्रीलंका सरकार ने सैन्य उद्देश्य के लिए जाफना में करीब 3500 एकड़ भूमि अपने कब्जे में ली थी। साल 2015 से सरकार ने तमिलों को उनकी जमीनें लौटाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में तमिलों को उनकी जमीन नहीं लौटाई गई है। अलग तमिल राष्ट्र की मांग को लेकर लिट्टे की श्रीलंका की सरकार से करीब तीन दशकों तक चली लंबी लड़ाई 2009 में वी प्रभाकरण के खात्मे के साथ समाप्त हो गई थी।
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