Gaza Crisis: इस्राइली हवाई हमलों और गोलीबारी में मारे गए 25 फलस्तीनी, मदद पाने की कोशिश में कई घायल
Gaza Crisis: गाजा में इस्राइली हमलों और गोलीबारी में 25 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें कई लोग मदद पाने के इंतजार में थे। इस्राइल और अमेरिका ने युद्धविराम वार्ता की टीमों को वापस बुला लिया है, जिससे बातचीत ठप हो गई है। इस बीच, गाजा में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और वहां लोगों को भुखमरी और कुपोषण का गंभीर खतरा है।
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गाजा पट्टी के दीर अल-बलाह में शनिवार को इस्राइली हवाई हमलों और गोलीबारी में 25 लोग मारे गए। इस बीच, अमेरिका और इस्राइल ने युद्धविराम वार्ता के लिए भेजी गई टीमों को वापस बुला लिया है और गाजा में फलस्तीनियों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों और एंबुलेंस सेवा ने यह जानकारी दी।
शिफा अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि ज्यादातर लोग जिकिम क्रॉसिंग के पास मदद के लिए ट्रकों का इंतजार करते समय मारे गए। इस्राइली सेना ने इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अस्पताल और एंबुलेंस सेवा ने बताया कि हमलों में गाजा सिटी में चार लोग मारे गए, जो अपार्टमेंट पर थे।
यह हमले ऐसे समय हुए हैं जब इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम वार्ता रुक गई है। अमेरिका और इस्राइल ने अपनी वार्ता टीमों को वापस बुला लिया है, जिससे वार्ता के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार हमास के साथ युद्धविराम वार्ता के अलावा 'वैकल्पिक विकल्प' पर विचार कर रही है। वहीं, हमास के एक अधिकारी ने कहा कि वार्ताअगले सप्ताह फिर शुरू हो सकती है और उन्होंने इस्राइली और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों की वापसी को दबाव की रणनीति बताया।
मिस्र और कतर ने कहा कि यह वार्ताएं अस्थायी रूप से रुकी हैं और फिर से शुरू होंगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब शुरू होंगी। ये दोनों देश अमेरिका के साथ मिलकर वार्ता में मध्यस्थता कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और विशेषज्ञों का कहना है कि बेबस फलस्तीनियों के लिए जल्द युद्धविराम होना जरूरी है। गाजा के फलस्तीनियों को भूखमरी का खतरा है और कुपोषण से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।
हालांकि, इस्राइली सेना का कहना है कि वह बिना किसी रोकटोक के मदद के ट्रकों को गाजा में प्रवेश करने दे रही है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस्राइली सैन्य प्रतिबंधों और लूटपाट की घटनाओं के कारण मदद कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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कुछ दिन पहले भी जिकिम क्रॉसिंग पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें 79 फलस्तीनियों की मौत हो गई थी, जो उसी क्रॉसिंग से मदद पाने की कोशिश कर रहे थे। इस्राइली सेना ने उस वक्त कहा था कि उसके सैनिकों ने उन हजारों फलस्तीनियों पर गोली चलाई जो खतरा पैदा कर रहे थे और उन्हें कुछ हताहतों की जानकारी थी।
इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वह गाजा में खौफनाक मानवीय संकट को कम करे। दो दर्जन से अधिक पश्चिम समर्थित देशों और सौ से ज्यादा चैरिटी और मानवाधिकार समूहों ने युद्ध को खत्म करने की मांग की है और इस्राइल की नाकेबंदी और नई मदद वितरण योजना की आलोचना की है। इन समूहों ने कहा कि उनके अपने कर्मचारी भी पर्याप्त भोजन जुटाने में संघर्ष कर रहे हैं।
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