Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   syria-conflict-effect-rupee

'सीरिया संकट से अभी और लड़खड़ाएगा रुपया'

Thu, 29 Aug 2013 04:04 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Thu, 29 Aug 2013 04:04 PM IST
विज्ञापन
syria-conflict-effect-rupee
सीरिया में स्थितियां बदतर हो गई हैं। अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंका बढ़ती जा रही है। सीरिया पर अमरीकी हमला हुआ तो वहां के हालात का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
विज्ञापन


भारत में  आर्थिक मामलों के जानकार परंजॉय गुहा ठाकुरता भी मानते हैं कि सीरिया संकट का असर कच्चे तेल पर देखने को मिल सकता है।

बीबीसी से बातचीत में परंजॉय गुहा ने कहा कि भारत जितना भी कच्चा तेल आयात करता है उसका ज़्यादातर हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है।  सीरिया के हालात का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा होने वाला है।
विज्ञापन


'महंगाई बढ़ेगी'

परंजॉय गुहा ठाकुरता का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से भारत में डीज़ल की कीमतें वैसे ही बढ़ रही हैं। सरकार ने तेल कंपनियों को डीज़ल की कीमत बढ़ाने की अनुमति दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रुपया डॉलर के मुकाबले बहुत ही कमज़ोर हो गया। अभी ये और भी कमज़ोर होगा। वे मानते हैं कि इसका मतलब है कि भारत जब कच्चा तेल आयात करेगा तो उसका दाम और बढ़ जाएगा।

कच्चे तेल का दाम बढ़ जाने से महंगाई भी बढ़ेगी क्योंकि डीज़ल ऐसी चीज़ है कि इसका इस्तेमाल यातायात में होता है। ट्रक में, लॉरी में, रेलवे में इसका इस्तेमाल होता है।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 120 डॉलर या 130 डॉलर प्रति बैरल तक हो सकती है। साल 2008 के जुलाई में यह कीमत 140-150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।


अगर कच्चे तेल की कीमत इस स्तर तक पहुंच जाती है तो भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा असर पड़ेगा।

साल 1991 का संकट

हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भरोसा दिलाया है कि भारत दोबारा उस स्थिति में नहीं पहुंचेगा और साल 1991 वाले हालात वापस नहीं आएंगे।

साल 1991 में पहला खाड़ी युद्ध हुआ था। उसके चलते तेल के दाम बहुत तेज़ी से बढ़े थे। और भारत में भुगतान संतुलन का संकट आ गया था।

परंजॉय गुहा ठाकुरता कहते हैं, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में हालात उसी के आस-पास पहुंच गए हैं। भारत के वाणिज्य मंत्री भी कह रहे हैं कि लोगों को अपना सोना गिरवी रख देना चाहिए।"

वे कहते हैं, "साल 1991 में भी कच्चे तेल की कीमत बढ़ गई थी। संकट पैदा हो गया था। आज भी वही स्थितियां देखने को मिल रही हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed