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आपबीती: अर्जेंटीना में तानाशाही के दौर में मां-बाप से दूर हुईं, मानवाधिकार कार्यकर्ता को बरसों बाद पता चला सच

Sun, 23 Aug 2026 10:30 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 23 Aug 2026 10:30 AM IST
सार
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  • 1976-1983 के बीच हजारों लोगों ने सही यातनाएं, सैनिकों ने बच्चे छीने, अपहरणकर्ता को पिता मानती रहीं विक्टोरिया।
  • अर्जेंटीना में तानाशाही के दौर में मां-बाप से दूर हुईं, असली पहचान   भी छिनी, मानवाधिकार कार्यकर्ता को बरसों बाद पता चली सच्चाई।

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Personal Account Separated from parents during  dictatorship of Argentina human right activist discovers truth
विक्टोरिया - फोटो : अमर उजाला प्रिंट-ग्राफिक्स

विस्तार

विक्टोरिया गोंडा मौजूदा समय में अर्जेंटीना की राजनीति और मानवाधिकार आंदोलन का एक जाना-माना चेहरा हैं। लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि उन्हें अपनी असली पहचान तक पहुंचने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ा था। विक्टोरिया का बचपन का नाम एनालिया एजिक था, जो उन्हें उन्हें पालने वाले पिता जुआन एंटोनियो एजिक और मां एस्तेर एब्रे ने दिया था।

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एनालिया अन्य बच्चों की तरह अपनी सपनों की दुनिया में जीती थी। पिता एक साधारण सब्जी विक्रेता थे और मां घरेलू महिला। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, एनलिया को यह पता ही नहीं था कि ये उसके असली माता-पिता नहीं हैं। अर्जेंटीना में 1976-1983 में तानाशाही के दौर में वामपंथी बगावत कुचलने के लिए सेना ने जमकर अत्याचार किए थे। लोगों को यातना केंद्रों में रखा और कड़ी यातनाएं दीं। उस दौर में हजारों लोग मार दिए गए या गायब कर दिए गए। उनके बच्चे छीनकर सैन्य सेवा से जुड़े लोगों या उनके समर्थकों को दे दिए गए।
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किशोरावस्था में पनपा बगावत का बीज
ब्यूनस आयर्स के मध्य वर्ग के बच्चों की तरह एनीलिया को भी स्कूल और घर दोनों जगह यही सिखाया गया कि यह डर्टी वार देश में शांति बहाली के लिए जरूरी थी। जैसे-जैसे बड़ी हुईं चे ग्वेरा की रचनाओं ने उनके विचारों को पूरी तरह बदल दिया। परिवार की दक्षिणपंथी विचारधारा के उलट उनका झुकाव वामपंथ की ओर हो गया। किशोरावस्था में पिता की टोका-टाकी ने उनके भीतर बगावत की भावना को भड़का दिया।
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सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया
यूनिवर्सिटी पहुंचने पर एनीलिया में छात्र संगठन वेन्सेरेमोस से जुड़ीं। 2001 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। 1999 में पिता के सामने स्वीकारा कि राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय हैं, जिससे परिवार से दूरियां बढ़ गईं।

सच्चाई ने जिंदगी में मचा दी हलचल
जुलाई 2003 में एक शाम पिता जुआन अचानक घर से चले गए। कुछ घंटों बाद खबर आई कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की है। एनालिया ने टीवी पर युद्ध अपराधियों की सूची देखी, जिसमें जुआन का नाम भी था। तब पता चला कि जिसे पिता समझती थीं, वह वास्तव में हिरासत केंद्र में कैदियों को टॉर्चर करने वाली टास्कफोर्स का हिस्सा थे। इसी टास्कफोर्स ने उनके माता-पिता की जान ली थी।


डीएनए टेस्ट ने दिलाया असली नाम
मानवाधिकार संगठनों की मदद से एनालिया ने असली पहचान पता लगाने की शुरुआत की। अक्तूबर 2004 में डीएनए टेस्ट से पता चला कि वह तानाशाही के शिकार बने दंपती मारिया हिल्डा पेरेज और जोस मारिया गोंडा की संतान है, जिसे जन्म के तुरंत बाद उनसे दूर कर दिया गया था। फिर उन्होंने अपनी मां के दिए असली नाम को अपनाया और विक्टोरिया गोंडा बन गईं।

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