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Charlie Kirk: US की सियासत में दक्षिणपंथ का उभरता चेहरा थे जेम्स चार्ल्स किर्क, राष्ट्रपति ट्रंप तक सीधी पहुंच

Sun, 14 Sep 2025 12:12 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला नेटवर्क।
अमर उजाला नेटवर्क। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 14 Sep 2025 12:12 AM IST
सार
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अमेरिका के यूटा वैली विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान 31 साल के चार्ली किर्क की हत्या कर दी गई। इनका नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि किर्क अमेरिकी राजनीति में दक्षिणपंथ का उभरता चेहरा थे। राष्ट्रपति ट्रंप तक सीधी पहुंच रखने वाले मशहूर पॉडकास्टर किर्क की कहानी जानिए

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Know Charlie Kirk Aka James Charles Kirk rising face of right wing US politics direct access to Prez Trump
चार्ली किर्क अमेरिकी राजनीति में उभरता सितारा थे - फोटो : पीटीआई / अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी

विस्तार

अमेरिका में चार्ली किर्क की छवि युवा नेता की रही। व्हाइट हाइस तक किर्क की सीधी पहुंच थी। उनकी एक आवाज पर हजारों-लाखों युवाओं की भीड़ जुट जाती थी। हिंसा के खिलाफ बोलते हुए उन्हें दिनदहाड़े गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया गया। चार्ली किर्क की हत्या से आहत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें ‘सत्य के लिए शहीद’ बताया है। 31 वर्षीय किर्क के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प पहलू हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।

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बात करीब तेरह साल पहले की है, जब हाईस्कूल का एक छात्र मशहूर दक्षिणपंथी समाचार और राजनीतिक वेबसाइट ब्राइटबार्ट न्यूज के लिए एक लेख लिखता है, जिसमें वह पॉल क्रुगमैन जैसे उदार अर्थशास्त्रियों की किताबों में छिपी प्रचलित विचारधाराओं की तीखी आलोचना करता है। लेख इतना प्रभावशाली था कि फॉक्स न्यूज तक पहुंच जाता है और दक्षिणपंथी टी-पार्टी आंदोलन के समर्थक, मशहूर रेस्टोरेंट मालिक बिल मोंटगोमरी का ध्यान खींचता है। बिल उस युवा छात्र को पढ़ाई छोड़कर सीधे राजनीति में सक्रिय होने की सलाह देते हैं। शुरू में उसने इस बात पर ठीक से गौर नहीं किया और बायलर यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया। लेकिन, थोड़े समय बाद उसके भीतर के जुनून और राजनीतिक दृष्टिकोण ने उसे पढ़ाई बीच में ही छोड़कर सक्रिय राजनीति में उतरने के लिए प्रेरित किया। इसी जज्बे के साथ, उस छात्र ने महज अठारह साल की उम्र में एक गैराज से टर्निंग पॉइंट यूएसए नामक संगठन की शुरुआत की, जो आज अमेरिका का सबसे बड़ा दक्षिणपंथी छात्र संगठन है, जिससे 850 कॉलेजों के विद्यार्थी जुड़े हुए हैं। इसी के जरिये वह युवाओं को संगठित कर दक्षिणपंथी आंदोलन को नई दिशा दे रहा था। यह छात्र कोई और नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप तक सीधी पहुंच रखने वाले मशहूर पॉडकास्टर जेम्स चार्ल्स किर्क (चार्ली किर्क) थे, जिनकी हाल ही में एक कॉलेज में 3,000 से ज्यादा लोगों की भीड़ को संबोधित करते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवा पीढ़ी से सीधे जुड़ने और विचारों को व्यापक स्तर पर फैलाने की उनकी अद्भुत क्षमता ने उन्हें अमेरिकी रूढ़िवाद की दुनिया में प्रभावशाली शख्सियत के रूप में स्थापित कर दिया था।
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वेस्ट पॉइंट था सपना
चार्ली किर्क का जन्म 14 अक्तूबर, 1993 को शिकागो के उपनगर अर्लिंग्टन हाइट्स, इलिनोइस में हुआ था। उनके पिता रॉबर्ट पेशे से एक वास्तुकार हैं और खास राजनीतिक विचारधारा से संबंध रखते हैं। उनकी गिनती 2012 में मिट रोमनी के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के बड़े दानदाताओं में की जाती है। मां किंबर्ली एक स्वास्थ्य परामर्शदाता हैं, जो रूढ़िवादी विचारधारा से गहराई से जुड़ी हुई हैं। किर्क ने इलिनोइस में अपनी स्कूलिंग पूरी की और कुछ समय के लिए उन्होंने हार्पर कॉलेज, पैलेटाइन, इलिनोइस में भी पढ़ाई की। 2021 में किर्क ने पूर्व मिस एरिजोना एरिका फ्रांट्जवे से शादी की। उनके दो बच्चे हैं। चार्ली किर्क ने अमेरिका की प्रतिष्ठित सैन्य अकादमी वेस्ट पॉइंट के लिए भी आवेदन किया, लेकिन असफल रहे। वह खुद कहते थे कि इसमें दाखिला लेना उनका सपना था। किर्क ने रश लिम्बॉग, जो एक मशहूर दक्षिणपंथी रेडियो होस्ट थे, को हाईस्कूल में ही सुनना शुरू कर दिया था।
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सीएस लुईस को पढ़ने का शौक
चार्ली किर्क को किताबों से गहरा लगाव था, खासकर ब्रिटिश लेखक सीएस लुईस की, जिनमें मेरे क्रिश्चियनिटी उनकी पसंदीदा थी। इसके अलावा, वह अमेरिकी राजनीति और समाजशास्त्र की किताबों में भी रुचि रखते थे। द फेडरलिस्ट पेपर्स, जॉर्ज ऑरवेल की 1984, एल्डस हक्सले की ब्रेव न्यू वर्ल्ड और डॉ. अन्ना लेम्बके की डोपामाइन नेशन कुछ चुनिंदा रचनाएं हैं, जिन्हें वह आम तौर पर पढ़ा करते थे। युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन देने के लिए वह विक्टर ई. फ्रैंकल की मैंस सर्च फॉर मीनिंग पढ़ने की सलाह देते थे। किताबों के साथ-साथ किर्क एक जाने-माने गोल्फ खिलाड़ी भी थे। इसके अलावा, उन्होंने टाइम फॉर ए टर्निंग पॉइंट, कैंपस बैटलफील्ड, द मागा डॉक्ट्रिन (न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर), राइट विंग रेवोलुशन और द कॉलेज स्कैम जैसी बेहतरीन किताबें भी लिखी हैं।

जब ट्रंप बोले-तुम ही वो बच्चे
चार्ली ने 2016 में ट्रंप के पहले चुनाव अभियान के दौरान युवा मतदाताओं को आकर्षित किया। ट्रंप ने उनसे पूछा, ‘तो तुम ही वो बच्चे हो, जिसने युवाओं को रिपब्लिकन पार्टी के लिए जोड़ा है?’ इसके बाद तो उनकी ट्रंप तक सीधी पहुंच हो गई थी। ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक मंच पर चार्ली की तारीफ की और उन्हें युवाओं का चेहरा बताया।

खुद का मजाक उड़ाने की आदत
वह जब भी छात्रों और शिक्षाविदों के साथ उत्तर-आधुनिकतावाद जैसे गंभीर और जटिल विषयों पर बहस करते, तो अपनी कॉलेज की डिग्री न होने की बात पर मजाक खुद ही उड़ा देते। यही उनकी खासियत थी। अगले महीने 32वां जन्मदिन मनाने से पहले ही बंदूक कल्चर का समर्थन करने वाला यह जीनियस दक्षिणपंथी युवा बंदूक की गोली से ही अपनी जान गंवा बैठा। वह कहते थे, ‘बंदूकें जान बचाती हैं।’ उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने वैक्सीन और लॉकडाउन नीतियों का कड़ा विरोध किया था।

भारत को बताया हिंदू बहुल राष्ट्र
अपने लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘व्हाट द हेक इज गोइंग ऑन इंडिया’ में, चार्ली किर्क ने कुछ माह पहले पहलगाम हमले व ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की चर्चा करते हुए कहा था कि दोनों देश अब युद्ध के कगार पर हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को आश्रय देने का आरोप लगाया, जबकि भारत को एक हिंदू बहुल देश के रूप में पेश किया था।

73 लाख से अधिक फॉलोअर्स
चार्ली किर्क ने अमेरिकी रूढ़िवादी युवाओं के बीच असाधारण लोकप्रियता हासिल की थी, जिसके पीछे सोशल मीडिया और उनके रेडियो कार्यक्रम ‘द चार्ली किर्क शो’ का बड़ा हाथ था। उनके टिक टॉक पर 73 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं।


हत्या से एक दिन पहले आई किताब
चार्ली किर्क पर हुई गोलाबारी से सिर्फ एक दिन पहले, नौ सितंबर, 2025 को अनास्तासिया जे. केसि के नाम से प्रकाशित एक किताब द शूटिंग ऑफ चार्ली किर्क : ए कॉम्प्रिहेंसिव अकाउंट ऑफ द यूटा वैली यूनिवर्सिटी अटैक, द आफ्टरमथ एंड अमेरिकाज रिस्पॉन्स सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। माना जा रहा है इसी किताब को पढ़कर हत्यारों ने घटना को अंजाम दिया। फिलहाल इसे अमेजन की बिक्री सूची से हटा दिया गया है।

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