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जॉर्डन: चर्च में गोलीबारी में सात की मौत, कई लोगों के घायल होने की खबर; संदिग्धों की तलाश कर रहे सुरक्षा बल
Fri, 23 Oct 2026 07:33 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अम्मान।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अम्मान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:33 PM IST
जॉर्डन में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक चर्च को निशाना बनाया है, जिसमें सात लोगों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की खबर है। हमले की अभी तक किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। पढ़िए रिपोर्ट
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जॉर्डन की चर्च में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/आरटी
विस्तार
जॉर्डन के कराक इलाके में शुक्रवार को एक चर्च में अंतिम विदाई की रस्म के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। इस घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। 10 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सरकारी टीवी चैनल अल-ममलका के हवाले से यह जानकारी दी।
ये भी पढ़ें: जेरेड कुशनर पर दो अरब डॉलर के गुप्त खातों का आरोप: यूएई-सऊदी से लेनदेन का दावा; ट्रंप के दामाद ने क्या कहा?
चैनल के अनुसार, इसके बाद चर्च में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया। वे संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि दो बंदूकधारी एक वाहन से उतरे और कराक के हमूद चर्च में अंतिम विदाई यात्रा के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।
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हालांकि, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता के हवाले से मृतकों और घायलों का अलग आंकड़ा दिया है। प्रवक्ता के मुताबिक, चर्चा में गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई है और 28 लोग घायल हुए हैं।
अंतिम विदाई के जुलूस में शामिल हुए खालिद बुर्कान ने अल-ममलका को बताया कि वहां दर्जनों लोग मौजूद थे। दो लोगों ने उन पर कई मिनट तक गोलीबारी की। उनमें से एक के पास राइफल थी, जबकि दूसरे के पास पिस्तौल थी।
हमले के पीछे कौन है?
इस हमले की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। जॉर्डन के अधिकारियों ने भी यह नहीं बताया कि हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।
जॉर्डन में ऐसे हमले कितने आम हैं?
जॉर्डन में इस तरह के हमले बेहद दुर्लभ हैं। यह देश अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है। हालांकि, इस साल यहां ईरान की ओर से हमले बढ़े हैं। फरवरी में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद से जॉर्डन को भी ईरान के हमलों का निशाना बनाया गया है।
ईसाई समुदाय की क्या स्थिति है?
जॉर्डन की आबादी में ईसाई अल्पसंख्यक हैं। हालांकि, इस देश में बाइबिल से जुड़े कई धार्मिक स्थल हैं। इन स्थलों पर दुनियाभर से ईसाई श्रद्धालु आते हैं।
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चैनल के अनुसार, इसके बाद चर्च में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया। वे संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि दो बंदूकधारी एक वाहन से उतरे और कराक के हमूद चर्च में अंतिम विदाई यात्रा के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।
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हालांकि, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता के हवाले से मृतकों और घायलों का अलग आंकड़ा दिया है। प्रवक्ता के मुताबिक, चर्चा में गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई है और 28 लोग घायल हुए हैं।
अंतिम विदाई के जुलूस में शामिल हुए खालिद बुर्कान ने अल-ममलका को बताया कि वहां दर्जनों लोग मौजूद थे। दो लोगों ने उन पर कई मिनट तक गोलीबारी की। उनमें से एक के पास राइफल थी, जबकि दूसरे के पास पिस्तौल थी।
Surveillance footage shows deadly attack on Greek Orthodox church in Karak, Jordan At least 7 people were killed and around 10 others injured Jordanian security forces are still hunting for the attackers https://t.co/GkCZZa7BhU
— RT (@RT_com) October 23, 2026
हमले के पीछे कौन है?
इस हमले की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। जॉर्डन के अधिकारियों ने भी यह नहीं बताया कि हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।
जॉर्डन में ऐसे हमले कितने आम हैं?
जॉर्डन में इस तरह के हमले बेहद दुर्लभ हैं। यह देश अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है। हालांकि, इस साल यहां ईरान की ओर से हमले बढ़े हैं। फरवरी में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद से जॉर्डन को भी ईरान के हमलों का निशाना बनाया गया है।
ईसाई समुदाय की क्या स्थिति है?
जॉर्डन की आबादी में ईसाई अल्पसंख्यक हैं। हालांकि, इस देश में बाइबिल से जुड़े कई धार्मिक स्थल हैं। इन स्थलों पर दुनियाभर से ईसाई श्रद्धालु आते हैं।