{"_id":"6ac2fd2f625855d1b80df098","slug":"india-cambodia-landmine-clearance-project-134-families-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंबोडिया में भारत का अभियान: बारूदी सुरंगों से मुक्त कराई 2 लाख वर्ग मीटर जमीन; कितने परिवारों को मिली राहत?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कंबोडिया में भारत का अभियान: बारूदी सुरंगों से मुक्त कराई 2 लाख वर्ग मीटर जमीन; कितने परिवारों को मिली राहत?
Mon, 05 Oct 2026 07:45 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, पेन्ह।
एजेंसी, पेन्ह।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 05 Oct 2026 07:45 AM IST
भारत समर्थित परियोजना से कंबोडिया में करीब दो लाख वर्ग मीटर बारूदी सुरंग प्रभावित जमीन साफ कर दी गई है। इससे 134 परिवारों को सुरक्षित जमीन मिली है। दशकों से युद्ध की मार झेल रहे इस इलाके में अब क्या रास्ते खुलेंगे? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
कंबोडिया-भारत के राष्ट्रीय ध्वज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/ऑल इंडिया रेडियो
विस्तार
भारत समर्थित एक परियोजना के तहत कंबोडिया के कोह कोंग प्रांत में करीब 1,97,810 वर्ग मीटर (दो लाख) बारूदी सुरंग प्रभावित जमीन को साफ कर स्थानीय समुदाय को सौंप दिया गया।
इससे करीब 134 परिवारों को लाभ पहुंचेगा। भारतीय दूतावास ने कहा कि काओ पाओ गांव में जमीन सौंपने के समारोह में फ्नोम पेन्ह स्थित भारतीय दूतावास की उप मिशन प्रमुख तनु प्रिया ने कंबोडियाई अधिकारियों के साथ हिस्सा लिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र को भारत की मेकांग-गंगा सहयोग के तहत क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट योजना के माध्यम से बारूदी सुरंगों से मुक्त किया गया।
ये भी पढ़ें: ब्राजील: राष्ट्रपति चुनाव का मुकाबला दूसरे दौर में, अब किसके हाथ आएगी सत्ता? 25 अक्टूबर को होगा फैसला
विज्ञापन
दशकों तक चले संघर्ष से प्रभावित है जमीन
कंबोडिया में दशकों तक चले युद्ध और संघर्ष के कारण बड़ी मात्रा में जमीन बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से दूषित है। इनसे स्थानीय समुदायों को खतरा बना रहता है और खेती, आवास तथा विकास के लिए जमीन का इस्तेमाल प्रभावित होता है। साफ की गई जमीन से स्थानीय लोगों को खेती, आवास, आजीविका और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच मिल सकेगी।
भारत 1990 के दशक की शुरुआत से कंबोडिया के मानवीय बारूदी सुरंग सफाई प्रयासों में सहयोग करता रहा है।
विज्ञापन
इससे करीब 134 परिवारों को लाभ पहुंचेगा। भारतीय दूतावास ने कहा कि काओ पाओ गांव में जमीन सौंपने के समारोह में फ्नोम पेन्ह स्थित भारतीय दूतावास की उप मिशन प्रमुख तनु प्रिया ने कंबोडियाई अधिकारियों के साथ हिस्सा लिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र को भारत की मेकांग-गंगा सहयोग के तहत क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट योजना के माध्यम से बारूदी सुरंगों से मुक्त किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ब्राजील: राष्ट्रपति चुनाव का मुकाबला दूसरे दौर में, अब किसके हाथ आएगी सत्ता? 25 अक्टूबर को होगा फैसला
विज्ञापन
दशकों तक चले संघर्ष से प्रभावित है जमीन
कंबोडिया में दशकों तक चले युद्ध और संघर्ष के कारण बड़ी मात्रा में जमीन बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से दूषित है। इनसे स्थानीय समुदायों को खतरा बना रहता है और खेती, आवास तथा विकास के लिए जमीन का इस्तेमाल प्रभावित होता है। साफ की गई जमीन से स्थानीय लोगों को खेती, आवास, आजीविका और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच मिल सकेगी।
भारत 1990 के दशक की शुरुआत से कंबोडिया के मानवीय बारूदी सुरंग सफाई प्रयासों में सहयोग करता रहा है।