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अमेरिका में शटडाउन का संकट टला?: प्रतिनिधि सभा ने दिसंबर तक फंडिंग वाला बिल पास किया, अब ट्रंप की मंजूरी बाकी
Wed, 02 Sep 2026 05:36 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:36 AM IST
अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद होने यानी शटडाउन का खतरा फिलहाल टल गया है। प्रतिनिधि सभा ने दिसंबर तक सरकार चलाने के लिए अस्थायी फंडिंग विधेयक पारित कर दिया है। सीनेट इसे पहले ही मंजूर कर चुकी है। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी बाकी है। क्या चुनाव प्रचार के दौरान शटडाउन टल जाएगा और पूरे साल की फंडिंग पर रिपब्लिकन-डेमोक्रेट्स में सहमति बन पाएगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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अमेरिकी संसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने मंगलवार को एक अस्थायी विधेयक पारित किया। इसका मकसद संघीय सरकार के कामकाज के लिए दिसंबर की शुरुआत तक धन उपलब्ध कराना है। यह कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि सांसदों के दोबारा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सरकार का कामकाज बंद (शटडाउन) न हो।
सांसदों के लिए सितंबर के आखिर में खत्म हो रहे वित्त वर्ष से पहले यह कदम उठाना जरूरी था। ऐसा नहीं करने पर सरकारी कामकाज के लिए पैसा खत्म हो सकता था। सांसद नहीं चाहते थे कि चुनाव प्रचार के दौरान सरकार के कामकाज को लेकर कोई संकट खड़ा हो। पिछले साल भी सरकार के कामकाज के लंबे समय तक बंद रहने से बड़ा संकट पैदा हुआ था।
प्रतिनिधि सभा ने 370-48 वोट से विधेयक पारित किया। सीनेट इसे पहले ही भारी बहुमत से मंजूर कर चुका है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा।
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प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति के अध्यक्ष सांसद टॉम कोल ने कहा कि इससे देश और लोगों को यह भरोसा मिलेगा कि सरकार का कामकाज चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे यह भी तय रहेगा कि सेना के जवानों को उनका वेतन मिलता रहेगा।
पिछले साल कितने लंबे शटडाउन हुए थे?
पिछली शरद ऋतु में रिकॉर्ड 43 दिनों तक सरकारी कामकाज बंद रहा था। दोनों पार्टियों में उस टैक्स क्रेडिट को जारी रखने को लेकर सहमति नहीं बनी थी, जिसकी समय सीमा खत्म हो रही थी। यह टैक्स क्रेडिट अफोर्डेबल केयर एक्ट के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की लागत कम करता है।
ये भी पढ़ें: 9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान की जंग में 7000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की गई जान, क्या हासिल हुआ?
इसके बाद गृह सुरक्षा विभाग का कामकाज भी बंद हुआ था। यह शटडाउन 76 दिनों तक चला। बाद में सांसदों ने विभाग के बड़े हिस्से के लिए फंडिंग पर सहमति बना ली। हालांकि, आव्रजन कानून लागू करने से जुड़े कामों के लिए फंडिंग नहीं दी गई।
सांसद इस बार क्या चाहते थे?
सांसद नहीं चाहते थे कि चुनाव से पहले फिर ऐसी स्थिति बने। उन्होंने हाल के गतिरोध के लिए एक-दूसरे की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने वोटिंग से पहले पत्रकारों से कहा कि वे एक और डेमोक्रेटिक शटडाउन के खतरे से बचेंगे।
वोटिंग के बाद जॉनसन ने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने अपना काम कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को शक था कि रिपब्लिकन बहुमत अपने अंदर के मतभेदों को दूर कर पाएगा या नहीं। इसके बावजूद समर्थन जुटाया गया। उन्होंने कहा कि वे जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं और काम पूरा कर रहे हैं।
डेमोक्रेट्स ने विधेयक का समर्थन क्यों किया?
प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति में डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख सांसद रोजा डेलॉरो ने मंगलवार सुबह बंद कमरे में हुई बैठक में अपने साथी डेमोक्रेट सांसदों से बिल के पक्ष में वोट करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक उस प्रस्ताव से काफी बेहतर है, जिसे इस साल की गर्मियों की शुरुआत में प्रतिनिधि सभा ने लगभग पार्टी लाइन के आधार पर पारित किया था।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विधेयक गृह सुरक्षा विभाग को बॉर्डर पेट्रोल के लिए पैसा ट्रांसफर करने से रोकता है। यह उस प्रस्तावित नियम को भी टालता है, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन में राजनीतिक नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों को उन संघीय अनुदानों को रोकने की ज्यादा ताकत मिल जाती, जिन्हें वे राष्ट्रपति के एजेंडे के मुताबिक नहीं मानते।
ये बदलाव सीनेट ने अपने विधेयक के संस्करण को मंजूरी देते समय किए थे। डेमोक्रेट्स को चिंता है कि प्रशासन अनुदानों से जुड़े इस प्रस्तावित नियम का इस्तेमाल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों से पैसा दूर करने के लिए कर सकता है। डेलॉरो ने नियम को टालने को एक अहम पहला कदम बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस नीति को लागू होने से रोकने के लिए अभी और काम करना होगा।
डेलॉरो ने कहा कि किसी समुदाय को आपदा राहत मिलेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि उसने पिछले चुनाव में किसे वोट दिया था।
विधेयक में कितने समय की फंडिंग है?
यह अस्थायी विधेयक संघीय एजेंसियों को आम तौर पर मौजूदा स्तर पर 11 दिसंबर तक फंडिंग देगा। इससे सांसदों को पूरे साल के लिए फंडिंग वाले विधेयक पर सहमति बनाने के लिए और समय मिलेगा। हालांकि, इस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना आसान नहीं होगा
रिपब्लिकन सैन्य खर्च के लिए सैकड़ों अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग चाहते हैं। इसके साथ ही वे रक्षा से जुड़े नहीं ज्यादातर कार्यक्रमों के खर्च में कटौती करना चाहते हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते। उनका जोर ऐसी द्विदलीय व्यवस्था पर है, जिसमें घरेलू कार्यक्रमों को भी रक्षा कार्यक्रमों के बराबर महत्व और फंडिंग मिले।
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सांसदों के लिए सितंबर के आखिर में खत्म हो रहे वित्त वर्ष से पहले यह कदम उठाना जरूरी था। ऐसा नहीं करने पर सरकारी कामकाज के लिए पैसा खत्म हो सकता था। सांसद नहीं चाहते थे कि चुनाव प्रचार के दौरान सरकार के कामकाज को लेकर कोई संकट खड़ा हो। पिछले साल भी सरकार के कामकाज के लंबे समय तक बंद रहने से बड़ा संकट पैदा हुआ था।
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प्रतिनिधि सभा ने 370-48 वोट से विधेयक पारित किया। सीनेट इसे पहले ही भारी बहुमत से मंजूर कर चुका है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा।
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प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति के अध्यक्ष सांसद टॉम कोल ने कहा कि इससे देश और लोगों को यह भरोसा मिलेगा कि सरकार का कामकाज चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे यह भी तय रहेगा कि सेना के जवानों को उनका वेतन मिलता रहेगा।
पिछले साल कितने लंबे शटडाउन हुए थे?
पिछली शरद ऋतु में रिकॉर्ड 43 दिनों तक सरकारी कामकाज बंद रहा था। दोनों पार्टियों में उस टैक्स क्रेडिट को जारी रखने को लेकर सहमति नहीं बनी थी, जिसकी समय सीमा खत्म हो रही थी। यह टैक्स क्रेडिट अफोर्डेबल केयर एक्ट के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की लागत कम करता है।
ये भी पढ़ें: 9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान की जंग में 7000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की गई जान, क्या हासिल हुआ?
इसके बाद गृह सुरक्षा विभाग का कामकाज भी बंद हुआ था। यह शटडाउन 76 दिनों तक चला। बाद में सांसदों ने विभाग के बड़े हिस्से के लिए फंडिंग पर सहमति बना ली। हालांकि, आव्रजन कानून लागू करने से जुड़े कामों के लिए फंडिंग नहीं दी गई।
सांसद इस बार क्या चाहते थे?
सांसद नहीं चाहते थे कि चुनाव से पहले फिर ऐसी स्थिति बने। उन्होंने हाल के गतिरोध के लिए एक-दूसरे की पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने वोटिंग से पहले पत्रकारों से कहा कि वे एक और डेमोक्रेटिक शटडाउन के खतरे से बचेंगे।
वोटिंग के बाद जॉनसन ने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने अपना काम कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को शक था कि रिपब्लिकन बहुमत अपने अंदर के मतभेदों को दूर कर पाएगा या नहीं। इसके बावजूद समर्थन जुटाया गया। उन्होंने कहा कि वे जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं और काम पूरा कर रहे हैं।
डेमोक्रेट्स ने विधेयक का समर्थन क्यों किया?
प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति में डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख सांसद रोजा डेलॉरो ने मंगलवार सुबह बंद कमरे में हुई बैठक में अपने साथी डेमोक्रेट सांसदों से बिल के पक्ष में वोट करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक उस प्रस्ताव से काफी बेहतर है, जिसे इस साल की गर्मियों की शुरुआत में प्रतिनिधि सभा ने लगभग पार्टी लाइन के आधार पर पारित किया था।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विधेयक गृह सुरक्षा विभाग को बॉर्डर पेट्रोल के लिए पैसा ट्रांसफर करने से रोकता है। यह उस प्रस्तावित नियम को भी टालता है, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन में राजनीतिक नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों को उन संघीय अनुदानों को रोकने की ज्यादा ताकत मिल जाती, जिन्हें वे राष्ट्रपति के एजेंडे के मुताबिक नहीं मानते।
ये बदलाव सीनेट ने अपने विधेयक के संस्करण को मंजूरी देते समय किए थे। डेमोक्रेट्स को चिंता है कि प्रशासन अनुदानों से जुड़े इस प्रस्तावित नियम का इस्तेमाल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों से पैसा दूर करने के लिए कर सकता है। डेलॉरो ने नियम को टालने को एक अहम पहला कदम बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस नीति को लागू होने से रोकने के लिए अभी और काम करना होगा।
डेलॉरो ने कहा कि किसी समुदाय को आपदा राहत मिलेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि उसने पिछले चुनाव में किसे वोट दिया था।
विधेयक में कितने समय की फंडिंग है?
यह अस्थायी विधेयक संघीय एजेंसियों को आम तौर पर मौजूदा स्तर पर 11 दिसंबर तक फंडिंग देगा। इससे सांसदों को पूरे साल के लिए फंडिंग वाले विधेयक पर सहमति बनाने के लिए और समय मिलेगा। हालांकि, इस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना आसान नहीं होगा
रिपब्लिकन सैन्य खर्च के लिए सैकड़ों अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग चाहते हैं। इसके साथ ही वे रक्षा से जुड़े नहीं ज्यादातर कार्यक्रमों के खर्च में कटौती करना चाहते हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते। उनका जोर ऐसी द्विदलीय व्यवस्था पर है, जिसमें घरेलू कार्यक्रमों को भी रक्षा कार्यक्रमों के बराबर महत्व और फंडिंग मिले।