रविशंकर प्रसाद
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जन्म- 30 अगस्त 1954
पार्टी- भारती जनता पार्टी
1970 के दशक में जब देश इंदिरा गांधी के शासन काल में संचार और टेलीकॉम के क्रांति की अंगड़ाई ले रहा था,तब रविशंकर खुद को राजनीति में मांझना शुरू कर चुके थे। कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाले पटना के रविशंकर 1977 में इमरजेंसी का विरोध करते हुए जेल भी गए और बिहार में जनसंघ के संस्थापकों में शामिल रहे। पटना विश्वविद्यालय से एल.एल.बी रविशंकरएबीवीपी और संघ से भी जुड़े रहे।
रविशंकर के राजनीतिक जीवन में बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने 1995 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बना दिया। वो पहली बार सन् 2000 में संसद में आए और 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोयला राज्य मंत्री बने। सन् 2002 में इन्हें कानून और न्याय राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया। 2003 में रविशंकर ने सत्ता की लंबी छलांग मारी और राज्यमंत्री से सीधे कैबिनेट मंत्री बनाए गए और इस बार उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार संभालने को मिला। 2004 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी हार गई, उससे रविशंकर की राजनीतिक लौ भी थोड़ी मद्धम हुई लेकिन 2006 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा और फिर पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद की जिम्मेदारी भी दी।
समय के साथ-साथ भाजपा और देश की राजनीति में रविशंकर का कद बढ़ रहा था। 2010 में उन्हें पार्टी का प्रमुख प्रवक्ता बनाया गया और 2012 में पार्टी का जरनल सेक्रेटरी।