अमर उजाला
Fri, 19 September 2025
पितृ पक्ष के अंतिम दिन यानी अमावस्या तिथि को सर्व पितृ अमावस्या या पितृ विसर्जनी अमावस्या कहा जाता है।
इस साल 2025 में इसकी तारीख को लेकर लोगों में असमंजस है कि यह 20 सितंबर को है या 21 सितंबर को।
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 सितंबर, शनिवार की शाम 05:48 बजे से हो रही है और इसका समापन 21 सितंबर, रविवार की शाम 04:59 बजे होगा।
हिंदू धर्म में श्राद्ध-कर्म के लिए उदया तिथि और अपराह्न काल (दोपहर का समय) को महत्व दिया जाता है।
चूंकि 21 सितंबर को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि होगी और श्राद्ध के लिए महत्वपूर्ण अपराह्न काल भी इसी दिन रहेगा, इसलिए पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध से जुड़े सभी कार्य रविवार, 21 सितंबर 2025 को ही किए जाएंगे।
इस दिन किए गए दान और तर्पण से पितर प्रसन्न और तृप्त होकर अपने लोक लौट जाते हैं और परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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