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पलवल हादसा: एक पल में उजड़ गई जिंदगी, पति की माैत पर रोते-रोते आंसू भी सूख गए
हरियाणा के पलवल जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा टकराई। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। इनमें कई यूपी के मैनपुरी जिले के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही गांवों में कोहराम मचा है। पलवल में हुए हादसे में विजय चांदा की मौत की खबर सुनते ही उनकी पत्नी कमला देवी की चीख निकल पड़ी। वह अचेत हो गई। उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके साथ यह क्या हुआ। उनका सुहाग कुछ ही पलों में उजड़ गया। सुबह से पति की मौत के बाद आंसू बहा रही कमला देवी के आंसू अब शायद सूख चुके हैं। उनके चेहरे पर जो भाव दिख रहे हैं, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि भले ही वह ऊपर से अपने आप को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अंदर से वह पूरी तरह से टूट चुकी हैं , उनको पता है कि अब उनके नाती, बेटे और बहू को संभालने वाली वही बची हैं। उन्होंने बताया कि कल रात को बात हुई थी पति ने कहा था कि आज शाम तक घर आ जाऊंगा। इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके आने से पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई। कह कर गए थे की भैंस ब्या चुकी है इसका ख्याल रखना। देखभाल करना। बच्चों की भी देखभाल करना। विजय चांदा को नहीं बल्कि उनकी जुबान को इस बात का अंदेशा हो गया था कि उनकी पत्नी से यह उनकी आखिरी मुलाकात है। बच्चों की देखभाल, भाई का ख्याल और परिवार की देखरेख के लिए वह पत्नी से लगातार बात कर रहे थे। विजय चांदा के बड़े भाई गजराज सिंह अपने भाई की मौत पर पूरी तरह से टूट चुके हैं। रोते हुए हाथों से अपना सिर पीटने लगते हैं। कहते हैं कि मेरा प्यारा भाई मुझे छोड़ कर चला गया। मैं उसे सीने से लगा कर रखता था। जब भी हमारे पास समय होता था खेत पर लगी समर के पास बैठकर एक दूसरे से अपना सुख-दुख बांटते थे। मेरा भाई मुझे छोड़कर चला गया। यह कहते हुए गजराज सिंह फिर से रोने लगे और विजय के नाती यश को अपने सीने से लिपटा लिया। विजय के नाती यश को भी इस घटना से धक्का लगा है उसके बाबा उसे छोड़ कर चले गए जो उसे सबसे ज्यादा प्यार करते थे। इकलौते नाती ने बताया कि बाबा जब यात्रा पर गए थे तो उन्होंने कहा था कि तेरे लिए कड़ा लेकर आऊंगा। नाती इंतजार कर रहा था कि बाबा मेरा उपहार लेकर आएंगे लेकिन उपहार तो नहीं आया बाबा की मौत की खबर आ गई।
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