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सावन: द्वितीय काशी के सिद्धनाथ धाम में उमड़ रही आस्था, राजा ययाति से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
सावन माह में जाजमऊ स्थित प्राचीन बाबा सिद्धनाथ मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। द्वितीय काशी के नाम से प्रसिद्ध इस शिवधाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। कानपुर के अलावा कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी करता है।
तड़के चार बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। नटराज चौराहे पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जाता है। भक्त भगवान शिव का दूध, जल, बेलपत्र और पुष्प से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। इस वर्ष मंदिर परिसर के नीचे कॉरिडोर निर्माण कार्य चलने के कारण गंगा स्नान पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
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