कांति झा हत्याकांड: मृत घोषित कराने के लिए युवती के शव को 210 किमी घुमाया, डॉक्टरों ने पूछा- ECG रिपोर्ट कहां?
काशीपुर में कांति झा (18) की हत्या के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। शव को मृत घोषित करने के लिए ईसीजी रिपोर्ट न होने की वजह से पुलिस और परिजनों को काशीपुर से हल्द्वानी के बीच दो बार (करीब 210 किमी का चक्कर) काटना पड़ा।
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विस्तार
कांति झा की हत्या की जांच शुरू होने से पहले ही सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही सामने आई। शव को औपचारिक रूप से मृत घोषित कराने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पुलिस और परिजनों को काशीपुर से हल्द्वानी के बीच दो बार करीब 210 किलोमीटर चक्कर काटना पड़ा।
युवती के शव के पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों के पैनल में महिला डॉक्टर को शामिल किया जाना था। आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार की शाम कटोराताल चौकी के एसआई प्रकाश बोरा पुलिस टीम के साथ शव लेकर हल्द्वानी पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने दस्तावेज की जांच की तो कुछ औपचारिकताएं अधूरी मिलीं। हल्द्वानी में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि युवती को मृत घोषित करने से संबंधित ईसीजी रिपोर्ट दस्तावेज में नहीं थी। इसके बाद पुलिस और परिजन शुक्रवार सुबह शव लेकर वापस काशीपुर पहुंचे। वहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं और शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा गया। हल्द्वानी में चिकित्सकों के पैनल ने देर शाम करीब सात बजे वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।
काशीपुर सरकारी अस्पताल के सीएमएस संदीप दीक्षित ने बताया कि जल्दबाजी में कुछ कागजात छूट गए थे जिन्हें बाद में पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया। प्रतापपुर पुलिस चौकी प्रभारी एसआई प्रकाश बोरा ने बताया कि चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम कर दिया है।
यह है मामला
गुरुवार को काशीपुर के धनौरी क्षेत्र में सड़क किनारे विशालनगर कॉलोनी निवासी कांति झा का शव पड़ा मिला था। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतका के सिर पर गहरी चोट के निशान थे और सिर व नाक से खून बह रहा था। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से आवश्यक नमूने लिए। शव का पंचनामा भरने वाली महिला उपनिरीक्षक मीना रावत के अनुसार मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी के लिए शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक ऑटोप्सी से कराने का अनुरोध किया गया था।
ये लापरवाही सामने आई
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल पर ही शव का पंचनामा भर दिया था। नियमानुसार मृत घोषित कराने के लिए व्यक्ति को सरकारी अस्पताल ले जाना आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण शव को पहले हल्द्वानी ले जाया गया और फिर काशीपुर वापस लाना पड़ा। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव दोबारा हल्द्वानी पहुंचा। इस पूरी कवायद में पुलिस और परिजनों को दो जिलों के बीच चक्कर लगाने पड़े।
हत्याकांड में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
विशालनगर कॉलोनी निवासी कांति झा की हत्या के मामले में प्रतापपुर चौकी प्रभारी कौशल भाकुनी ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार 20 अगस्त की सुबह हिमांशु कंबोज ने फोन कर धनौरी-रामनगर रोड पर किसी युवती का शव पड़े होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को युवती के सिर और नाक से खून बहता मिला तथा सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शव की शिनाख्त कांति झा पुत्री बच्ची झा के रूप में हुई।
कांति झा की हत्या के मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की टीमें घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। शव को घटनास्थल तक लाने या ठिकाने लगाने वाले वाहन की तलाश भी की जा रही है। - प्रशांत कुमार, सीओ, काशीपुर
तीन युवकों से लगातार संपर्क ने बढ़ाई पुलिस की उलझन
पुलिस जांच में कांति के मोबाइल की कॉल डिटेल अहम कड़ी बनकर सामने आई है। सीडीआर की पड़ताल में पता चला है कि घटना से पहले कांति तीन युवकों के लगातार संपर्क में थी। तीनों से उसकी नियमित बातचीत होती थी। पुलिस अब इन युवकों की पृष्ठभूमि, घटना के समय उनकी लोकेशन और कांति से उनके संबंधों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के पीछे प्रेम संबंध, आपसी रंजिश या कोई अन्य वजह तो नहीं थी। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। अभी तक पुलिस के हाथ ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं लगा है जिससे हत्या की एक स्पष्ट वजह और आरोपी तक पहुंचा जा सके।
बीमारी और कथित प्रेम संबंध भी जांच के दायरे में
परिजनों के अनुसार कांति गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। उसके दिमाग में ट्यूमर होने की बात कही गई है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसका समुचित इलाज भी नहीं हो पा रहा था। परिवार के अनुसार उसके पिता पैरालाइज्ड हैं और मां भी लंबे समय से काम नहीं कर रही हैं।
पुलिस के सामने यह पहलू भी आया है कि कांति की बीमारी के कारण उसका कथित प्रेमी उससे दूरी बनाने लगा था। करीब एक माह पहले उसका हरिद्वार में रिश्ता तय होने की बात भी सामने आई है। इसके बाद दोनों के बीच तनाव रहने और कई बार मारपीट होने की चर्चा है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं बीमारी, प्रेम संबंध और पारिवारिक परिस्थितियां हत्या की वजह से तो नहीं जुड़ी हैं।
कांति झा हत्याकांड में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है। पुलिस की टीमें गहन जांच में जुटी है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। - प्रशांत कुमार, सीओ, काशीपुर
काशीपुर/हल्द्वानी। हत्या जैसे गंभीर मामले में सिस्टम की घोर लापरवाही सामने आई है। औपचारिक रूप से मृत घोषित कराने के लिए पुलिस कांति झा का शव एक जिले से दूसरे जिले में लेकर घूमती रही। बाद में काशीपुर से औपचारिकताएं पूर्ण कराने के बाद शव दोबारा हल्द्वानी मोर्चरी लाया गया जहां देर शाम सात बजे चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।
काशीपुर के धनौरी में बीते बृहस्पतिवार को सड़क किनारे विशालनगर कॉलोनी निवासी कांति का शव मिला था। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके से नमूने लिए। शव का पंचनामा भरने वाली महिला उपनिरीक्षक मीना रावत ने बताया कि मौत के कारणों की जानकारी के लिए शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक ऑटोप्सी से कराने का अनुरोध किया था।
डॉक्टरों के पैनल में महिला डॉक्टर की भी आवश्यकता बताई गई थी। कागजी खानापूर्ति के बाद कटोराताल चौकी के एसआई प्रकाश बोरा टीम के साथ मृतका का शव लेकर बृहस्पतिवार को हल्द्वानी पहुंचे लेकिन यहां डॉक्टरों ने दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया।
डॉक्टरों का कहना था कि युवती को मृत घोषित करने के लिए ईसीजी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। इस पर पुलिस और परिजन शुक्रवार की सुबह शव वापस लेकर काशीपुर पहुंचे। यहां से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए फिर से हल्द्वानी भेजा गया।
सीएमएस संदीप दीक्षित का कहना है जल्दबाजी में कुछ पेपर छूट गए थे जो पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए है। एसआई प्रकाश बोरा ने बताया कि पैनल द्वारा मृतका के शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है।
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यह थी देरी की वजह
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने शव का मौके पर ही पंचनामा भर लिया था। नियमानुसार मृत घोषित कराने के लिए व्यक्ति को सरकारी अस्पताल ले जाना जरूरी है। यही कारण रहा कि शव एक जिले से दूसरे जिले में घूमता रहा।
कांति झा हत्याकांड में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज़
विशाल नगर काॅलोनी निवासी कांति झा की हत्या के मामले में प्रतापपुर चौकी प्रभारी कौशल भाकुनी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी प्रतापपुर भाकुनी ने कोतवाली में जुबानी सूचना दर्ज कराई है कि 20 अगस्त 2026 की सुबह हिमांशु कम्बोज ने फोन कर बताया कि धनौरी रामनगर रोड काशीपुर में किसी युवती का शव पड़ा है। इस पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे जहां मृतका के सिर और नाक से काफी खून बह रहा था। उसके सिर पर गहरी चोट का निशान थे। उसकी शिनाख्त कांति झा पुत्री बच्ची झा के रूप में हुई। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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कांति झा मर्डर मिस्ट्री सुलझाने के लिए पुलिस को सबूतों की दरकार
फालोअप...
- त्रिकोणीय संबंधों ने उलझाया मामला, संदिग्धों से भी नहीं मिली पुख्ता जानकारी
- विशालनगर कॉलोनी निवासी का ग्राम धनौरी में सड़क किनारे पड़ा मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। कांति झा हत्याकांड का मामला पुलिस के लिए पहेली बनता जा रहा है। एक साथ कई लाइनों पर जांच चलने से हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। पुलिस काफी अहम जानकारियां मिलने का दावा कर रही है लेकिन पर्याप्त सबूत नहीं जुट पाने से कोई भी लाइन क्लियर नहीं हो पा रही है।
विशालनगर कॉलोनी निवासी कांति झा (18) पुत्री बच्ची झा का शव ग्राम धनौरी में सड़क किनारे पड़ा मिला था। उसके सिर पर चोट के गहरे निशान थे। आशंका जताई जा रही है कि गोली मारकर कांति की हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या के शक में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है लेकिन अभी तक कोई ठोस कबूलनामा सामने नहीं आया है।
आरोपी तक पहुंचने के लिए सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से साक्ष्य संकलन कर रही है लेकिन उसमें भी पुलिस को स्पष्ट लाइन नजर नहीं आ रही है। पुलिस की जांच मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल से उलझ गई है। सीडीआर खंगालने पर सामने आया है कि वारदात से पहले कांति झा तीन युवकों के लगातार संपर्क में थी और तीनों से उसकी नियमित बातचीत होती थी।
पुलिस अब इसी बिंदु पर फोकस कर रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह हत्या किसी बेवफाई का नतीजा है? क्या रंजिश में की गई? इसी एंगल को लेकर पुलिस तीनों युवकों का बैकग्राउंड, लोकेशन और मृतका से उनके रिश्ते की गहराई से पड़ताल कर रही है।
सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट का सत्यापन करने में जुटी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के तरीके और समय को लेकर स्थिति और साफ हो जाएगी। पुलिस शव को ठिकाने लगाने वाले वाहन की तलाश में भी जुटी है। वारदात को लेकर पुलिस टीमें मृतका की मां विदुली और देहरादून से आई बहन शांति झा से भी जानकारी जुटा रही है।
इनसेट-
बीमार कांति से छुटकारा पाने को तो नहीं लगाया ठिकाना
काशीपुर। कांति झा गंभीर बीमारी की चपेट में आ चुकी थी। परिजनों के अनुसार उसके दिमाग में ट्यूमर बन गया था। इस कारण वह अक्सर बहकी-बहकी बातें करने लगी थी। गरीबी के कारण उसका इलाज तक नहीं हो पा रहा था। कांति के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पिता पैरालाइज्ड है। मां काफी समय से कुछ काम नहीं कर रही है। ऐसे में परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। मकान मालिक राजेंद्र सिंह का कहना है कि कांति की मां ने पिछले छह माह से उसे न तो किराया अदा किया है और न ही बिजली का बिल जमा किया है।
उधर, चर्चा है कि कांति की बीमारी के चलते उसका कथित प्रेमी उससे दूरी बनाने लगा है। एक माह पूर्व हरिद्वार से उसका रिश्ता भी तय हो गया था। इसके बाद से दोनों के बीच तनाव की स्थिति चल रही थी। उनके बीच कई बार मारपीट हो चुकी है। इस बिंदु को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
कोट-
कांति झा हत्याकांड में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है। पुलिस की टीमें गहन जांच में जुटी है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। - प्रशांत कुमार, सीओ काशीपुर
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