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Roorkee News: खेतों में फिर घुसा बारिश का पानी
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लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई और अगस्त में हुई मूसलाधार बारिश से गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदियों में आई बाढ़ का पानी लक्सर व खानपुर क्षेत्र की करीब 25 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में फैल गया था। इससे गन्ना, धान और पशुओं के हरे चारे की फसलें जलमग्न हो गई थीं।
किसानों का कहना है कि पहले की बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था कि शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर फिर बढ़ गया। इससे बाढ़ का पानी दोबारा खेतों में फैलने लगा है। किसान कुशल पाल, कलम सिंह, मदन सिंह, करण सिंह, रणधीर सिंह और ईलम चंद शर्मा ने बताया कि अधिकांश फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं जबकि बची हुई फसलें भी नष्ट होने के कगार पर हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि पहले की बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था कि शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर फिर बढ़ गया। इससे बाढ़ का पानी दोबारा खेतों में फैलने लगा है। किसान कुशल पाल, कलम सिंह, मदन सिंह, करण सिंह, रणधीर सिंह और ईलम चंद शर्मा ने बताया कि अधिकांश फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं जबकि बची हुई फसलें भी नष्ट होने के कगार पर हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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