{"_id":"5e9f46ec8ebc3e902c207c58","slug":"zoom-app-city-news-vns5214061136","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में जूम एप का प्रयोग बंद कर विश्वसनीय माध्यम चुने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में जूम एप का प्रयोग बंद कर विश्वसनीय माध्यम चुने
विज्ञापन
स्कूल
वाराणसी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यह जानकारी सामने आई है कि विद्यालयों के द्वारा जूम एप व अन्य एप के माध्यम से विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है। ऐसा करने से बच्चों को लगातार कई घंटे मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर देखना पड़ रहा है, इससे उनकी आंखें प्रभावित हो रही है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षण और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि कक्षा नौ तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 90 मिनट से ज्यादा मोबाइल फोन या लैपटॉप स्क्रीन का प्रयोग न करने दिया जाए। प्रतिदिन की क्लास में लेक्चर 90 मिनट से अधिक का न हो और इस अवधि में पांच से 10 मिनट के एक से दो ब्रेक भी दिए जाए। एक दिन में इससे अधिक समय अवधि की क्लास वर्जित रहेगी। विद्यालयों के द्वारा जूम एप या अन्य एप के माध्यम से मोबाइल व लैपटॉप पर बच्चों की पढ़ाई कराने से कई अभिभावकों ने निजता भंग होने का मामला उठाया हैं। ऐसी स्थिति में सभी विद्यालय यथा संभव जूम एप का प्रयोग बंद करके कोई विश्वसनीय एप का प्रयोग करे या यू-ट्यूब पर विडियो अपलोड करके 5 से 10 बच्चों के समूह में एप पर जोड़कर यूट्यूब वीडियो के प्रश्नोत्तरी करते हुए भी इन बच्चों की पढ़ाई संचालित कराएं। अत्यंत आवश्यक हो तो विद्यार्थियों के छोटे समूह बनाकर जूम एप प्रयोग करें। अभिभावकों द्वारा बताया गया कि बच्चों को एक ही दिन में कई विषयों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी ग्रहण करने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसलिए सभी स्कूल एक दिन में एक या लगातार दो-तीन दिनों तक एक ही विषय पढ़ाये जाने का निर्देश दिया हैं। ताकि बच्चे पढ़ाई गई चीजें समझकर ग्रहण कर सकें।
ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था की बीएसए ने की समीक्षा
वाराणसी। लॉकडाउन के दौरान परिषदीय विद्यालय के बच्चे घर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को बीएसए ने इसकी समीक्षा के लिए शिक्षकों और बच्चों के साथ वीडियो कॉल से बात की। ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्राथमिक विद्यालय सैरागोपालपुर के मनोज सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय दनियालपुर के शशिभूषण त्रिपाठी, प्राथमिक विद्यालय कोटवा के महेंद्र कुमार व प्राथमिक विद्यालय भिटारी के रविंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने बच्चों से वीडियो कॉल के जरिये ऑनलाइन शिक्षा के विषय पर बातचीत की और अनुभव जाने।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यह जानकारी सामने आई है कि विद्यालयों के द्वारा जूम एप व अन्य एप के माध्यम से विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है। ऐसा करने से बच्चों को लगातार कई घंटे मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर देखना पड़ रहा है, इससे उनकी आंखें प्रभावित हो रही है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षण और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि कक्षा नौ तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 90 मिनट से ज्यादा मोबाइल फोन या लैपटॉप स्क्रीन का प्रयोग न करने दिया जाए। प्रतिदिन की क्लास में लेक्चर 90 मिनट से अधिक का न हो और इस अवधि में पांच से 10 मिनट के एक से दो ब्रेक भी दिए जाए। एक दिन में इससे अधिक समय अवधि की क्लास वर्जित रहेगी। विद्यालयों के द्वारा जूम एप या अन्य एप के माध्यम से मोबाइल व लैपटॉप पर बच्चों की पढ़ाई कराने से कई अभिभावकों ने निजता भंग होने का मामला उठाया हैं। ऐसी स्थिति में सभी विद्यालय यथा संभव जूम एप का प्रयोग बंद करके कोई विश्वसनीय एप का प्रयोग करे या यू-ट्यूब पर विडियो अपलोड करके 5 से 10 बच्चों के समूह में एप पर जोड़कर यूट्यूब वीडियो के प्रश्नोत्तरी करते हुए भी इन बच्चों की पढ़ाई संचालित कराएं। अत्यंत आवश्यक हो तो विद्यार्थियों के छोटे समूह बनाकर जूम एप प्रयोग करें। अभिभावकों द्वारा बताया गया कि बच्चों को एक ही दिन में कई विषयों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी ग्रहण करने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसलिए सभी स्कूल एक दिन में एक या लगातार दो-तीन दिनों तक एक ही विषय पढ़ाये जाने का निर्देश दिया हैं। ताकि बच्चे पढ़ाई गई चीजें समझकर ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था की बीएसए ने की समीक्षा
वाराणसी। लॉकडाउन के दौरान परिषदीय विद्यालय के बच्चे घर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को बीएसए ने इसकी समीक्षा के लिए शिक्षकों और बच्चों के साथ वीडियो कॉल से बात की। ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्राथमिक विद्यालय सैरागोपालपुर के मनोज सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय दनियालपुर के शशिभूषण त्रिपाठी, प्राथमिक विद्यालय कोटवा के महेंद्र कुमार व प्राथमिक विद्यालय भिटारी के रविंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने बच्चों से वीडियो कॉल के जरिये ऑनलाइन शिक्षा के विषय पर बातचीत की और अनुभव जाने।
विज्ञापन