खुशखबरी: रोडवेज में अब आउटसोर्स नहीं, सीधे अनुबंध पर रखे जाएंगे परिचालक; सीएम और परिवहन मंत्री का जताया आभार
वाराणसी रोडवेज में अब परिचालकों की तैनाती आउटसोर्सिंग के बजाय सीधे अनुबंध पर की जाएगी। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। यूपी रोडवेज कर्मचारी संघ की मांग पर हुए फैसले से कर्मचारियों में खुशी है। संगठन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक का आभार जताया। नई व्यवस्था से परिचालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अब परिचालकों की भर्ती पूर्व की भांति निगम में सीधे अनुबंध के आधार पर की जाएगी। इस संबंध में शासन के परिवहन विभाग की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। नए आदेश के बाद परिचालकों को आउटसोर्स के बजाय सीधे निगम से अनुबंध के आधार पर आबद्ध किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। संगठन की ओर से महिला परिचालकों की तरह पुरुष परिचालकों को भी आउटसोर्स व्यवस्था से हटाकर पूर्व की भांति सीधे निगम में अनुबंध के आधार पर आबद्ध करने की मांग लगातार उठाई जा रही थी।
संघ का तर्क था कि परिवहन निगम में परिचालकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। परिचालक यात्रियों से किराये के रूप में निगम की आय सीधे नकद प्राप्त करते हैं और उसे निगम के खजाने में जमा करते हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पद पर निगम के प्रति उत्तरदायी कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए।
संघ की मांग के बाद अब शासन स्तर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालकों की भर्ती पूर्व की व्यवस्था के अनुसार सीधे निगम में अनुबंध के आधार पर की जाएगी। इससे पुरुष परिचालकों को आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रखने की व्यवस्था में बदलाव होगा। संघ के महामंत्री भारत भूषण और प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने संगठन की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया।
महिला परिचालकों की तरह पुरुषों को भी सीधे जोड़ने की थी मांग
रोडवेज कर्मचारी संघ का कहना था कि महिला परिचालकों को जिस तरह निगम से सीधे अनुबंध के आधार पर जोड़ा जाता है, उसी तरह पुरुष परिचालकों को भी निगम से सीधे आबद्ध किया जाना चाहिए। संघ ने इस मांग को लेकर लगातार शासन और निगम प्रबंधन के समक्ष अपना पक्ष रखा था। संघ के अनुसार परिचालक निगम के राजस्व से सीधे जुड़े पद पर कार्य करते हैं। रोजाना यात्रियों से किराया वसूलने और निगम के खाते में जमा करने की जिम्मेदारी परिचालकों की होती है।