सीएम योगी का तंज: सपा रूपी गिरगिटों से सावधान, मगरमच्छ पास आकर नदी पार कराने का भरोसा देते हैं
वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा पाप करने वाले सपाई उपदेश न दें। सपा का पीडीए ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ है। इन्होंने दलित-मुस्लिम को नहीं धन्ना सेठ को टिकट दिया।
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माफिया, सैफई और आजम खां…
सीएम योगी ने कहा कि परिवारवादी, शिक्षा विरोधियों, माफिया के पिछलग्गू और माफिया की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ने वालों को सदन में कतई न भेजिए। आजम खां द्वारा बनाए जाने वाले विश्वविद्यालय के लिए 10 एकड़ और अन्य के लिए 100 एकड़ जमीन होने पर मान्यता दिए जाने की बात तत्कालीन सरकार की बेईमानी को दर्शाता है। सपा व कांग्रेस को जोड़ने में नहीं, बल्कि तोड़ने में मजा आता है। हमें बंटने नहीं देना है। सपा सरकार के समय युवाओं की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। सैफई सिंडिकेट ने भर्ती आयोगों व बोर्डों में अपने खानदान के लोगों को बैठा दिया था, फिर चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी।
सीएम ने कहा कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में 10 में से 8 सीटें भाजपा ने जीतीं, जबकि दो सपा के पक्ष में गईं। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन समाजवादी बताएं कि उनका पीडीए कहां चला गया। इनके पीडीए का मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ या ‘पराया धन अपना’ है, जो इस चुनाव में चरितार्थ हुआ। इनके एक प्रत्याशी गाजीपुर, काशी, बलिया के यादव नहीं, बल्कि चचाजान रामगोपाल यादव रहे और दूसरी सीट भी किसी दलित या इनके खानदानी वोटबैंक मुस्लिम को नहीं दी गई, बल्कि वह टिकट धन्ना सेठ को बेच दिया गया।
शिक्षा, युवाओं और अयोग्य अनिल यादव …
सीएम ने तंज कसा कि सपा शिक्षा की घोर विरोधी है। सपा और शिक्षा नदी के वे दो छोर हैं, जो कभी मिलते नहीं। सपा जब शिक्षा, शिक्षकों व युवाओं पर बोलती है तो हंसी आती है। पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें। सपा ने अयोग्य अनिल यादव को एक आयोग का अध्यक्ष बना दिया था। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जो हाईस्कूल, इंटर व बीए तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ था। उस समय अराजकता, युवाओं के जीवन से खिलवाड़, माफियाराज और उत्सव से पहले उपद्रव होता था। कर्फ्यू के इस असुरक्षित माहौल में कोई निवेश करने नहीं आता था। सीएम ने कहा कि शिक्षक समाज, राष्ट्र व युग के निर्माता हैं। काशी तो ज्ञान की धरा है। यहां गुरु परंपरा श्रद्धा से परिपूर्ण है। कभी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय भारत में एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय हुआ करता था। मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित किया।
मंदिर और महाकुंभ
सीएम ने बताया कि अब काशी विश्वनाथ धाम में औसतन प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु आते हैं। सावन व त्योहारों में यह संख्या बढ़ जाती है। बाबा की धरती पर सर्वाधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। यूपी की पहचान अब दंगा, माफिया, कर्फ्यू से नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, पर्यटन डेस्टिनेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, काशी विश्वनाथ धाम, राम मंदिर, प्रयागराज महाकुंभ व मथुरा-वृंदावन से होती है। 2017 से पहले केवल 120 स्टार्टअप थे, आज यह संख्या 24,000 से अधिक है। अब युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर हो गया है। यूपी अब बीमारू राज्य से मुक्त होकर भारत का ग्रोथ इंजन बना है।