एनएच पर हादसा: वाहन की चपेट में आने से मजदूर की मौत, पांच-पांच किलोमीटर तक लगा जाम; दो घंटे तक राहत नहीं
मिर्जापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को वाहन की चपेट में आने से मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब पांच-पांच किलोमीटर तक जाम रहा। सूचना के बावजूद राहत कार्य शुरू होने में करीब दो घंटे लग गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की।
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कछवां थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कटका गोदाम निवासी 40 वर्षीय विपत बिन्द की शनिवार की रात वाराणसी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुटने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
दोनों तरफ करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर तीन थानों की पुलिस के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और करीब रात 12 बजे जाम समाप्त कराकर आवागमन सुचारू कराया। जबकि घटना के बाद से ही टक्कर मारने वाला अज्ञात चारपहिया वाहन चालक फरार होने में सफल रहा।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार की रात करीब दस बजे कटका गोदाम निवासी विपत बिन्द अपने करीब सात वर्षीय पुत्र के साथ शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान वाराणसी से प्रयागराज की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते समय तेज रफ्तार अज्ञात चारपहिया वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि विपत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीड़ जमा हो गया।
घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इन दिनों प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर एक लेन कांवड़ियों के लिए और दूसरी लेन वाहनों के आवागमन के लिए निर्धारित होने के कारण हादसे के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। देखते ही देखते दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब पांच-पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। कई वाहन घंटों तक एक ही स्थान पर खड़े रहे।
विपत बिन्द मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में पत्नी के अलावा करीब 17 वर्षीय पुत्री और सात वर्षीय पुत्र है। ग्रामीणों के अनुसार विपत ही परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर महेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा प्रशासन की ओर से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
एसडीएम सदर महेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना होने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। परिवार के लोगों को सांत्वना देते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस स्थान पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं तो ओवरब्रिज की मांग को लेकर वह व्यक्तिगत रूप से जिलाधिकारी से वार्ता करेंगे, ताकि ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
ग्रामीणों ने उठाई ओवरब्रिज की मांग
आएदिन हादसे होने के बाद ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क पार करने के लिए ओवरब्रिज बनाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र दुर्घटना बाहुल्य बन चुका है और आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। कई ग्रामीणों के घर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक तरफ हैं, जबकि उनके खेत सड़क के दूसरी ओर हैं। ऐसे में ग्रामीणों को रोजाना राजमार्ग पार करना पड़ता है।