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Saharanpur News: एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी बही, लटके पैराफिट
Fri, 21 Aug 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:18 AM IST
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छुटमलपुर। 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में लगातार खामियां सामने आ रही हैं। लोकार्पण के बाद यह पहली बरसात है, जिसने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
छुटमलपुर बाईपास पर ही दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी धंसने से पैराफिट के पिलर हवा में रह गए हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
बता दें, कि 14 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। एक्सप्रेसवे पर लगातार इसमें खामियां उजागर हो रही हैं। पहले बिहारीगढ़ में फ्लाईओवर की दीवार दरक गई थी।
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इसे एंकर प्लेट लगाकर रोका गया था। इसके बाद बिहारीगढ़ में ही फ्लाईओवर की सड़क धंस गई थी, जिसकी मरम्मत करनी पड़ी थी। इतना ही नहीं 12 किमी लंबे एलिवेटेड रोड पर भी एपॉक्सी ग्राउटिंग की गई।
अब पिछले एक सप्ताह से लगातार चल रही बारिश ने छुटमलपुर बाईपास पर बड़कला से रसूलपुर की तरफ दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी को नुकसान पहुंचाया है। मिट्टी बहकर सर्विस रोड पर चली गई है। कई जगहों पर एक्सप्रेसवे को सुरक्षित रखने के लिए लगाई गई पैराफिट के पिलर मिट्टी बहने से हवा में लटक गए हैं। स्थानीय निवासी कांग्रेस नेता अतहर अली, भटपुरा के सुल्तान अहमद, अब्दुल हसीब मलिक आदि का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है।
n सर्विस रोड पड़ी है अधूरी, किसान हो रहे परेशान : एक्सप्रेसवे पर छुटमलपुर बाईपास की सर्विस रोड भी अधूरी पड़ी है। अभी तक केवल चमारीखेड़ा से बड़कलां तक सर्विस रोड बनाई जा सकी है, जबकि बड़कलां से रसूलपुर कलां तक दोनों तरफ की सर्विस रोड अभी तक अधूरी पड़ी है। इससे क्षेत्रीय गांवों गुडंब, निवादा, गंगाली, अलावलपुर आदि के किसानों को भी अपनी खेतों तक जाने में दिक्कत आ रही है।
हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि बरसात के चलते काम प्रभावित हुआ था। बरसात के बाद तेजी से निर्माण कार्य कराते हुए सर्विस रोड बनवाई जाएगी।
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छुटमलपुर बाईपास पर ही दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी धंसने से पैराफिट के पिलर हवा में रह गए हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
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बता दें, कि 14 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। एक्सप्रेसवे पर लगातार इसमें खामियां उजागर हो रही हैं। पहले बिहारीगढ़ में फ्लाईओवर की दीवार दरक गई थी।
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इसे एंकर प्लेट लगाकर रोका गया था। इसके बाद बिहारीगढ़ में ही फ्लाईओवर की सड़क धंस गई थी, जिसकी मरम्मत करनी पड़ी थी। इतना ही नहीं 12 किमी लंबे एलिवेटेड रोड पर भी एपॉक्सी ग्राउटिंग की गई।
अब पिछले एक सप्ताह से लगातार चल रही बारिश ने छुटमलपुर बाईपास पर बड़कला से रसूलपुर की तरफ दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी को नुकसान पहुंचाया है। मिट्टी बहकर सर्विस रोड पर चली गई है। कई जगहों पर एक्सप्रेसवे को सुरक्षित रखने के लिए लगाई गई पैराफिट के पिलर मिट्टी बहने से हवा में लटक गए हैं। स्थानीय निवासी कांग्रेस नेता अतहर अली, भटपुरा के सुल्तान अहमद, अब्दुल हसीब मलिक आदि का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है।
n सर्विस रोड पड़ी है अधूरी, किसान हो रहे परेशान : एक्सप्रेसवे पर छुटमलपुर बाईपास की सर्विस रोड भी अधूरी पड़ी है। अभी तक केवल चमारीखेड़ा से बड़कलां तक सर्विस रोड बनाई जा सकी है, जबकि बड़कलां से रसूलपुर कलां तक दोनों तरफ की सर्विस रोड अभी तक अधूरी पड़ी है। इससे क्षेत्रीय गांवों गुडंब, निवादा, गंगाली, अलावलपुर आदि के किसानों को भी अपनी खेतों तक जाने में दिक्कत आ रही है।
हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि बरसात के चलते काम प्रभावित हुआ था। बरसात के बाद तेजी से निर्माण कार्य कराते हुए सर्विस रोड बनवाई जाएगी।