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Pilibhit News: भर्ती मरीजों से मिलने के लिए टाइम चार्ट बेअसर, भीड़ से इलाज प्रभावित
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इमरजेंसी वार्ड में तीमारदारों की भीड़। संवाद
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पीलीभीत। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए छह घंटे का टाइम चार्ट बेअसर दिखाई दे रहा है। इससे यहां इलाजरत मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
मरीजों का इलाज प्रभावित न हो व व्यवस्थाएं बनी रहें, इसके लिए सीएमएस ने एक अगस्त को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए छह घंटे का टाइम चार्ट तीमारदारों के लिए तैयार किया, लेकिन वर्तमान में सुरक्षाकर्मियों व चिकित्सकों की लापरवाही के चलते दिनभर इमरजेंसी वार्ड में तीमारदारों की भीड़ लगी रहती है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आए दिन मरीजों के साथ तीमारदार किसी न किसी बात को लेकर चिकित्सकों से लड़ते-झगड़ते हैं। कई बार हाथापाई की तक नौबत आ जाती है। तीमारदारों के शोर-शराबे से कई बार माइनर ओटी से लेकर बेड पर भर्ती मरीजों को दिक्कत होती है व उपचार भी प्रभावित होता है। इन दिक्कतों से मरीजों व चिकित्सकों से छुटकारा मिले, इसको लेकर जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने एक अगस्त को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों से तीमारदारों के मिलने के लिए छह घंटे का टाइम चार्ट बनाया था।
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इसमें तीमारदारों से मिलने के लिए सुबह 8 से 10, दोपहर 1 से 3 व शाम 7 से रात 9 बजे तक कुल छह घंटे निश्चित किया गया। टाइम चार्ट को परिसर में चस्पा भी किया गया, कुछ दिन तो सीएमएस के आदेशों का सुरक्षाकर्मियों ने पालन किया व शिकंजा भी कसा, लेकिन वर्तमान में यह स्थिति है कि इमरजेंसी वार्ड में एक मरीज के साथ चार-पांच तीमारदारों की भीड़ लगी रहती है। काउंटर से लेकर बिस्तर तक तीमारदार ही दिखाई देते हैं। कई तो जमीन पर लेटते, बैठते भी हैं। इससे मरीजों को बेहतर इलाज देना स्टाफ के लिए चुनौती बन जाता है।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि टाइम चार्ट को लेकर समय-समय पर सख्ती की जाती है। तीमारदारों की भीड़ न हो, सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। संवाद
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मरीजों का इलाज प्रभावित न हो व व्यवस्थाएं बनी रहें, इसके लिए सीएमएस ने एक अगस्त को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए छह घंटे का टाइम चार्ट तीमारदारों के लिए तैयार किया, लेकिन वर्तमान में सुरक्षाकर्मियों व चिकित्सकों की लापरवाही के चलते दिनभर इमरजेंसी वार्ड में तीमारदारों की भीड़ लगी रहती है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आए दिन मरीजों के साथ तीमारदार किसी न किसी बात को लेकर चिकित्सकों से लड़ते-झगड़ते हैं। कई बार हाथापाई की तक नौबत आ जाती है। तीमारदारों के शोर-शराबे से कई बार माइनर ओटी से लेकर बेड पर भर्ती मरीजों को दिक्कत होती है व उपचार भी प्रभावित होता है। इन दिक्कतों से मरीजों व चिकित्सकों से छुटकारा मिले, इसको लेकर जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने एक अगस्त को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों से तीमारदारों के मिलने के लिए छह घंटे का टाइम चार्ट बनाया था।
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इसमें तीमारदारों से मिलने के लिए सुबह 8 से 10, दोपहर 1 से 3 व शाम 7 से रात 9 बजे तक कुल छह घंटे निश्चित किया गया। टाइम चार्ट को परिसर में चस्पा भी किया गया, कुछ दिन तो सीएमएस के आदेशों का सुरक्षाकर्मियों ने पालन किया व शिकंजा भी कसा, लेकिन वर्तमान में यह स्थिति है कि इमरजेंसी वार्ड में एक मरीज के साथ चार-पांच तीमारदारों की भीड़ लगी रहती है। काउंटर से लेकर बिस्तर तक तीमारदार ही दिखाई देते हैं। कई तो जमीन पर लेटते, बैठते भी हैं। इससे मरीजों को बेहतर इलाज देना स्टाफ के लिए चुनौती बन जाता है।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि टाइम चार्ट को लेकर समय-समय पर सख्ती की जाती है। तीमारदारों की भीड़ न हो, सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। संवाद