फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   FIR registered against two SDMs in Pilibhit over irregularities in the electoral roll

मतदाता सूची में गड़बड़ी: पीलीभीत में दो एसडीएम समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज, निलंबन की संस्तुति

Thu, 22 Oct 2026 05:18 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 22 Oct 2026 05:18 PM IST
सार
Register For Event

पीलीभीत सदर विधानसभा सीट की मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में बृहस्पतिवार को दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को भी आरोपी बनाया गया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने यह जानकारी दी। 

विज्ञापन
FIR registered against two SDMs in Pilibhit over irregularities in the electoral roll
हेमंत चौधरी और मयंक गोस्वामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत में मतदाता सूची तैयार करने में बरती गईं गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की तहरीर पर नगर कोतवाली में तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी, एसडीएम हेमंत चौधरी और वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (वीआरसी) के पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

विज्ञापन


विज्ञापन


जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि दोनों अधिकारियों पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। दोनों एसडीएम के निलंबन की संस्तुति की गई है। इस मामले को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले की सभी तहसीलों में विधानसभावार बूथवार जांच कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिलाधिकारी ने बुधवार देर रात दोनों एसडीएम को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था और संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवा समाप्त कर दी। मयंक गोस्वामी (तत्कालीन एसडीएम पूरनपुर) और हेमंत चौधरी (तत्कालीन एसडीएम अमरिया) सदर विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के रूप में कार्यरत थे।

Trending Videos

बड़े पैमाने पर धांधली की पुष्टि 
जिलाधिकारी की जांच में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल 10,470 फॉर्म स्वीकृत और 3,309 अस्वीकृत किए गए, जिनका कोई भी ऑफलाइन या ऑनलाइन रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। 

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की शेष तीनों विधानसभा क्षेत्रों बरखेड़ा पूरनपुर और बीसलपुर में भी मतदाता सूची की बूथवार पड़ताल और समीक्षा शुरू कर दी गई है। अगले दो दिनों में शत-प्रतिशत शुद्ध सूची तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न सके और फर्जी नाम हटाए जा सकें।

13 हजार फॉर्म में गड़बड़ी, डाटा गायब 
जांच के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 को पूरी होने के बाद नियमित ऑफलाइन फॉर्मों के जरिये संशोधन का काम चल रहा था। 31 मई से 28 अगस्त 2026 के बीच गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। बीआरसी द्वारा 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 13,779 फॉर्मों की प्रविष्टि की गई। इसमें से मयंक गोस्वामी  के कार्यकाल में 4,717 फॉर्म और हेमंत कुमार के कार्यकाल में 9,062 फॉमों की प्रविष्टि की गई। इससे संबंधित डाटा गायब हैं।

सरकारी पद के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े का केस दर्ज
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की ओर से दर्ज प्राथमिकी में मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी पर सरकारी पद के दुरुपयोग और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। आरोपियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, 1989 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन दोनों धाराओं के एक साथ लगने का सीधा मतलब है कि प्रशासन ने इसे केवल एक प्रशासनिक भूल नहीं माना है, बल्कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर जानबूझकर चुनावी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा करने का आपराधिक मामला माना है।

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि दोनों एसडीएम के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच में मतदाता सूची संशोधन के दौरान उनकी भूमिका और जिम्मेदारी के बिंदुओं को देखा जाएगा। 

सपा-कांग्रेस ने खोला मोर्चा 
कांग्रेस और सपा ने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार और अधिकारियों पर वोटों में हेराफेरी कराने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने 56 टीमों की पड़ताल के हवाले से 16,504 मतदाताओं के रिकॉर्ड में धांधली का दावा करते हुए सीबीआई और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। सपा नेताओं ने भी तत्कालीन एसडीएम व अफसरों पर सत्तापक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप लगाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मंत्री संजय गंगवार ने इन आरोपों को विरोधियों की साजिश करार दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed