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हालत खराब: मेरठ की टूटी सड़कें दे रहीं सेहत को झटके, कमर और रीढ़ के दर्द से परेशान हो रहे वाहन चालक

Mon, 05 Oct 2026 11:32 AM IST
Dimple Sirohi संकल्प रघुवंशी, अमर उजाला, मेरठ
संकल्प रघुवंशी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 05 Oct 2026 11:32 AM IST
सार
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मेरठ की टूटी और गड्ढों वाली सड़कों पर सफर करने से वाहन चालकों में कमर, गर्दन और रीढ़ से जुड़ी परेशानियां बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने सावधानी और सही पोश्चर की सलाह दी है।

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Meerut's Pothole-Ridden Roads Take a Toll on Health, Increasing Back and Spine Problems
टूटी सड़कें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ शहर की टूटी सड़कें लोगों को हड्डी की बीमारियों का शिकार भी बना रही हैं। सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से गुजरते समय लगने वाले झटके रीढ़ की हड्डी, कमर और कंधों को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। हालत यह है कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में रोजाना हड्डी और रीढ़ से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित दर्जनों मरीज पहुंच रहे हैं।

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वेस्टर्न कचहरी रोड निवासी मनोज अग्रवाल का दवा का कारोबार है। शास्त्रीनगर, जागृति विहार की टूटी सड़कों पर रोजाना स्कूटी से जाते हैं। पिछले डेढ़ महीने से लगातार कमर में दर्द है। चिकित्सकों ने अब बेल्ट लगाने को कहा है।
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पंचशील कॉलोनी निवासी दीपांशु खरे का स्पोर्ट्स का कारोबार है। सप्ताह भर पहले रात में एकाएक गर्दन में तेज दर्द उठा। निजी चिकित्सक को दिखाने पर पता चला कि सर्वाइकल हो गया है, जबकि उन्हें यह समस्या पहले कभी नहीं थी। 

गड्ढों में तब्दील टूटी सड़कों पर लगातार सफर करने से वाहन चालकों का शारीरिक संतुलन और बैठने की मुद्रा  बिगड़ रही है। इससे उन्हें कम उम्र में ही स्पोंडिलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के उप प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक बताते हैं कि सड़कों की खराब हालत का सीधा और गंभीर असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। गाड़ी चलाने से रीढ़ की हड्डी पर निरंतर दबाव बनता है। 

सूरजकुंड के पास घर है और स्कूटी से रोजाना अस्पताल आता-जाता हूं। पिछले काफी समय से पीठ और गर्दन में दर्द के कारण भारी परेशानी हो रही है। गड्ढे में वाहन के आने से सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती हैं। -डॉ. बीपी कौशिक, ईएनटी सर्जन

गड्ढों के कारण झटके लगने पर रीढ़ की हड्डी की कुशनिंग (डिस्क) पर अचानक दबाव आता है। गलत पोश्चर में गाड़ी चलाने से समस्या गंभीर हो जाती है। कमर के निचले हिस्से में दर्द के मामले बढ़ रहे हैं। -डॉ. परवेज अहमद, वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ।

धीमी गति : गड्ढों वाले रास्तों पर वाहनों की गति बेहद धीमी रखें ताकि झटके कम से कम लगें।
सही पोश्चर : वाहन चलाते समय रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, झुककर बैठने से बचें।
सुरक्षा कवच : लंबी दूरी तय करते समय जरूरत पड़ने पर लंबर या सर्वाइकल बेल्ट का प्रयोग करें।
व्यायाम : गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए रोजाना नियमित स्ट्रैचिंग और स्ट्रेनिंग एक्सरसाइज करें।

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