फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Kaushambi firecracker factory explosion Prime accused arrested in encounter

कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट: मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, गोदाम पर चला बुलडोजर; 11 की हुई थी मौत

Tue, 01 Sep 2026 09:42 AM IST
Akash Dubey पीटीआई, कौशांबी
पीटीआई, कौशांबी Published by: Akash Dubey Updated Tue, 01 Sep 2026 09:42 AM IST
सार
Register For Event

31 अगस्त को पटाखा फैक्टरी विस्फोट में आठ बच्चों समेत 11 की मौत हुई। पुलिस ने 1 सितंबर को एनकाउंटर में आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर उसका अवैध गोदाम ध्वस्त किया।

विज्ञापन
Kaushambi firecracker factory explosion Prime accused arrested in encounter
एनकाउंटर में घायल आरोपी नौशाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त, 2026 सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें आठ बच्चे शामिल थे। पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मंगलवार की भोर करीब 4 बजे एनकाउंटर के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन

अधिकारियों ने बताया कि इस फैक्टरी का लाइसेंस 2024 में रद्द कर दिया गया था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी की इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई। इसके साथ ही आसपास के छह अन्य घर भी क्षतिग्रस्त हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस उपाधीक्षक शिवंग सिंह ने बताया कि मोहम्मदपुर मनौरी में पिपरी पुलिस थाना क्षेत्र के तहत यह घटना रिपोर्ट की गई थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की थीं। ये टीमें लगातार आरोपी की तलाश कर रही थीं।

विज्ञापन

आरोपी की गिरफ्तारी
1 सितंबर, 2026 को सुबह करीब 4 बजे पुलिस को मुख्य आरोपी के भागने की सूचना मिली। चरवा पुलिस थाना क्षेत्र के 13 मील सराय सहावा रोड पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिस पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से घायल आरोपी ने अपनी पहचान नौशाद पुत्र निजामुद्दीन निवासी मनौरी के रूप में बताई। उसे तुरंत मंझनपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया, और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

नौशाद के पटाखा गोदाम पर चला बुलडोजर
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद सीएम के निर्देश पर प्रशासन ने देर शाम बड़ी कार्रवाई की। डीएम अमित पाल के निर्देश पर घटनास्थल से 400 मीटर दूर आरोपी नौशाद का पटाखा गोदाम जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।

डीएम ने कहा कि आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि नौशाद ने घटनास्थल के पास ही पटाखों का गोदाम बना रखा था। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने गोदाम की जांच की। इसके बाद देर शाम जेसीबी की मदद से गोदाम को जमींदोज कर दिया गया।

डीएम ने बताया, फैक्टरी का लाइसेंस 2024 में ही समाप्त हो गया था। इसके बावजूद फैक्टरी का संचालन कैसे जारी रहा, इसकी जांच कराई जाएगी। हादसे के बाद प्रशासन अब फैक्टरी और गोदाम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कराने की तैयारी में है। अधिकारियों ने घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

यह है मामला

पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही देर में फैक्टरी से उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। धमाके में कई परिवारों के मकान धराशायी हो गए। 11 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसमें तीन वेंटीलेटर पर हैं। झुलसे लोगों को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है। 

छोटे वाहन से चारपाई पर लादकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल
कौशाम्बी से घायलों को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई। ऐसे में उन्हें पिकअप वाहन से चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।

एक घंटे किया एंबुलेंस का इंतजार
पीड़ित अरविंद कुमार बताते हैं कि हादसे के बाद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मदद भी मांगी गई मगर कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में पिकअप वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने से घायलों को चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।

पिकअप वाहन से चार घायलों को एसआरएन अस्पताल लाया गया। इनमें प्रवीण सिंह (13) और पांच वर्षीय प्रांजली की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। वहीं, पीड़ित रूपा ने पटाखा स्टोरेज संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घायलों के परिजनों के साथ सफाई कर्मी ढो रहे थे स्ट्रेचर
घायलों के एसआरएन अस्पताल पहुंचने पर स्ट्रेचर को सफाई कर्मी ढोते नजर आए। ट्रॉमा सेंटर के बाहर 10 सफाई कर्मियों को स्ट्रेचर ढोने के लिए लगाया गया था। ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम में भी ड्रेसिंग का सामान पहुंचाने के लिए कई सफाई कर्मी तैनात किए गए, जबकि एसआरएन अस्पताल में 185 वार्ड बॉय कार्यरत हैं।

कार्रवाई होती रही, फिर भी नहीं थमा बारूद का कारोबार
कौशाम्बी और प्रयागराज में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। इसके बावजूद रिहायशी इलाकों में इस तरह का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका। वर्ष 2024 में भी कौशाम्बी के भरवारी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ था। उस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

दो साल के भीतर फिर इसी तरह का हादसा होना व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि कार्रवाई के बाद उस कारोबार को दोबारा शुरू होने से रोकने का भी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed