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फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाना: पीओ की परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले चार गिरफ्तार, 12 पर रिपोर्ट
Mon, 24 Aug 2026 02:43 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:43 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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सचेंडी के एक केंद्र में शनिवार को परिवीक्षाधीन अधिकारी (पीओ) की परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने एक अभ्यर्थी समेत चार लोगों को पकड़ा है। इसमें एक अभ्यर्थी, दो साल्वर और एक बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि परीक्षा पास करने के लिए दोनों अभ्यर्थियों ने स्वस्थ होने के बावजूद दिव्यांग कोटा और परीक्षा में पास हाेने के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया ताकि उन्हें सहयोगी मिल सके और उसकी जगह वे केंद्र में साल्वर ले जाएं। इस मामले में एसटीएफ के इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय ने बताया कि चारों गिरफ्तार आरोपियों समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बता दें कि आइबीपीएस (इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन) की ओर से 22 और 23 अगस्त को सहभागी सहकारी क्षेत्र के बैंकों में परिवीक्षाधीन अधिकारी-प्रबंधक प्रशिक्षुओं की भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा थी। बीते शनिवार को दूसरी पाली की परीक्षा के लिए एसटीएफ को सूचना मिली कि चेंडी के भैलामऊ स्थित आईओएन डिजिटल जोन आइडीजेड में बने केंद्र में साल्वर गिरोह अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में शामिल है। इस पर टीम सचेंडी थाना पुलिस के साथ केंद्र पहुंच गई। परीक्षा खत्म होने का इंतजार किया गया। इसके बाद मुखबिर की सटीक सूचना पर दो अभ्यर्थी रावतपुर के विनायकपु पंचवटी निवासी अनुराधा कनौजिया और चकेरी हरजिंदर नगर के संजीव नगर निवासी अवनीश यादव को बाहर जाने से रोक दिया गया। दोनों हाथ से दिव्यांग बताए गए लेकिन वे शारीरिक रूप से स्वस्थ दिख रहे थे जबकि उनके पास से दिव्यांग प्रमाण पत्र मिला।
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बता दें कि आइबीपीएस (इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन) की ओर से 22 और 23 अगस्त को सहभागी सहकारी क्षेत्र के बैंकों में परिवीक्षाधीन अधिकारी-प्रबंधक प्रशिक्षुओं की भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा थी। बीते शनिवार को दूसरी पाली की परीक्षा के लिए एसटीएफ को सूचना मिली कि चेंडी के भैलामऊ स्थित आईओएन डिजिटल जोन आइडीजेड में बने केंद्र में साल्वर गिरोह अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में शामिल है। इस पर टीम सचेंडी थाना पुलिस के साथ केंद्र पहुंच गई। परीक्षा खत्म होने का इंतजार किया गया। इसके बाद मुखबिर की सटीक सूचना पर दो अभ्यर्थी रावतपुर के विनायकपु पंचवटी निवासी अनुराधा कनौजिया और चकेरी हरजिंदर नगर के संजीव नगर निवासी अवनीश यादव को बाहर जाने से रोक दिया गया। दोनों हाथ से दिव्यांग बताए गए लेकिन वे शारीरिक रूप से स्वस्थ दिख रहे थे जबकि उनके पास से दिव्यांग प्रमाण पत्र मिला।
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दिव्यांग अभ्यर्थियों के परीक्षा देने के लिए एक सहयोगी भी होता है जो अभ्यर्थी से कम पढ़ा होता है पर अनुराधा के साथ आए सहयोगी राहुल कुमार सिन्हा निवासी बिहार के जिला शेखपुरा व थानाक्षेत्र शेखपुरी और अवनीश का सहयोगी बिहार के मधुबनी के अंध्रा थाडी थाना क्षेत्र के मडुकिया निवासी आशीष कुमार ने एमए पास हैं। अनुराधा ने बताया कि परिचित बर्रा दो जूही अनंत विला निवासी अंकित सचान ने भाई सुनील उर्फ अनिल कनौजिया से बात कर परीक्षा में पास कराने के लिए 10 लाख रुपये में सौदा किया था।
एडमिट कार्ड व अन्य कागजात लेकर सहयोगी राहुल कुमार सिन्हा को परीक्षा में भेजा था। पुलिस ने गेट के बाहर अनुराधा के बाहर आने का इंतजार कर रहे अंकित को भी पकड़ लिया। अंकित ने खुद को सीढ़ी इटारा स्थित ग्रामीण बैंक का रिकवरी मैनेजर बताया है। उसके मोबाइल फोन के वाट्सएप पर साल्वर के नंबर, चैट आदि मिले हैं। पुलिस को केंद्र के बाहर आरोपित अवनीश की वैगनआर कार भी मिली, जिसमें उसका व आशीष का लैपटाॅप व अन्य सामान रखा मिला। पुलिस पूछताछ में अवनीश यादव ने बताया कि उसने भी एमए किया हुआ है। दिव्यांग कोटे का लाभ लेने के लिए उसने वर्ष 2025 में एक लाख रुपये देकर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया था।
एडमिट कार्ड व अन्य कागजात लेकर सहयोगी राहुल कुमार सिन्हा को परीक्षा में भेजा था। पुलिस ने गेट के बाहर अनुराधा के बाहर आने का इंतजार कर रहे अंकित को भी पकड़ लिया। अंकित ने खुद को सीढ़ी इटारा स्थित ग्रामीण बैंक का रिकवरी मैनेजर बताया है। उसके मोबाइल फोन के वाट्सएप पर साल्वर के नंबर, चैट आदि मिले हैं। पुलिस को केंद्र के बाहर आरोपित अवनीश की वैगनआर कार भी मिली, जिसमें उसका व आशीष का लैपटाॅप व अन्य सामान रखा मिला। पुलिस पूछताछ में अवनीश यादव ने बताया कि उसने भी एमए किया हुआ है। दिव्यांग कोटे का लाभ लेने के लिए उसने वर्ष 2025 में एक लाख रुपये देकर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया था।
उसने प्रमाणपत्र बनवाने वाले मनोज कुमार यादव और शमशेर उर्फ शीलू सचान के नाम उजागर किए। अवनीश के पास से दो मोबाइल फोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एमए भूगोल की अंकतालिका व मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी सहयोगी (स्क्राइब) अनुशंसा प्रमाणपत्र मिला है। सचेंडी थाने में ग्रामीण बैंक के मैनेजर अंकित सचान समेत 12 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एसटीएफ और थाना पुलिस ने परिवीक्षाधीन अधिकारी की परीक्षा देने आए अभ्यर्थी व दो सहयोगी और एक बैंक मैनेजर को पकड़ा गया है जबकि कई के नाम और सामने आए हैं। फिलहाल 12 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अभी गिरोह के कुछ और लोग के पकड़े जाने की आशंका है। सचेंडी पुलिस और एसटीएफ इस पर काम कर रही है। - रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त