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कानपुर: आईआईटी के स्थापना दिवस पर 15 पूर्व छात्र होंगे सम्मानित, इन्हें मिलेगा डिस्टिंग्विश्ड एल्युमनी अवॉर्ड
Tue, 29 Sep 2026 11:03 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 29 Sep 2026 11:03 PM IST
सत्येंद्र के दुबे मेमोरियल अवॉर्ड के लिए बबलू कुमार, स्व. प्रो. गुरुदास का नाम फाइनल हुआ है।
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आईआईटी कानपुर के स्थापना दिवस पर प्रो. एचसी वर्मा समेत 15 पूर्व छात्रों को संस्थान के प्रतिष्ठित डिस्टिंग्विश्ड एल्युमनी अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। संस्थान की ओर से मंगलवार को सूची जारी कर दी गई है। स्थापना दिवस दो नवंबर को मनाया जाएगा। सत्येंद्र के दुबे मेमोरियल अवॉर्ड के लिए बबलू कुमार और स्व. प्रो. गुरुदास का नाम फाइनल हुआ है। यह अवार्ड ईमानदारी, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के साथ अपना दायित्व निभाने वालों को दिया जाता है।
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों ने शिक्षा, शोध, उद्यमिता और सार्वजनिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया है। हर साल की तरह से इस बार भी जिन पूर्व छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए संस्थान की परंपरा और मूल्यों को आगे बढ़ाया है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार दो नवंबर को संस्थान के 67वें स्थापना दिवस समारोह में मिलेगा। संस्थान की ओर से डिस्टिंग्विश्ड एल्युमनी अवॉर्ड-2026 की सूची में 15 पूर्व छात्रों का चयन किया गया है।
इसमें प्रो. प्रकाश (एमएसी फिजिक्स, 1975), प्रो. उपमानु लाल (बीटेक-सीई, 1976), प्रो. रवींद्र कुमार आहूजा (पीएचडी, 1982), प्रो. हरीश चंद्र वर्मा (एमएससी-1978, पीएचडी 1981), प्रो. पी विजय कुमार (बीटेक-एमटी-ईई, 1979), डॉ. दीपेंद्र प्रसाद (एमएससी-1980), डॉ. जे. रामाचंद्र राव (बीटेक-ईई, 1984), रवि अग्रवाल (बीटेक-एमटेकई, 1986-1988), लोकवीर कपूर (बीटेक-एमई, 1987), डॉ. तुषार दीपक चंद्रा (बीटेक-सीएसई, 1988), डॉ. विज्ञान सिंघल (बीटेक-सीएसई, 1989), प्रो. संजय ई. शर्मा (बीटेक-एमई, 1990), डॉ. सतीश चंद्रा (बीटेक-सीएसई, 1991), रजत वर्मा (बीटेक-एई, 1998), अभिषेक विनोद सिंह (एमएससी5/फिजिक्स, 2002) शामिल हैं। वहीं, सत्येंद्र के. दुबे मेमोरियल अवॉर्ड-2026 के लिए स्वर्गीय प्रो. गुरु दास अग्रवाल और बबलू कुमार (बीटेक/एमटेक/ईई, 2004/2008) को चुना गया है।
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कौन थे सत्येंद्र के. दुबे
सत्येंद्र कुमार दुबे आईआईटी कानपुर के 1994 बैच के सिविल इंजीनियरिंग स्नातक थे। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में काम करते हुए अपने पेशे में ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ दृढ़ रुख बनाए रखा। 27 नवंबर 2003 को बिहार के गया में उनकी हत्या कर दी गई। संस्थान ने उनके जीवन और पेशेवर मूल्यों को याद रखने के लिए यह पुरस्कार शुरू किया।
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आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों ने शिक्षा, शोध, उद्यमिता और सार्वजनिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया है। हर साल की तरह से इस बार भी जिन पूर्व छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए संस्थान की परंपरा और मूल्यों को आगे बढ़ाया है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार दो नवंबर को संस्थान के 67वें स्थापना दिवस समारोह में मिलेगा। संस्थान की ओर से डिस्टिंग्विश्ड एल्युमनी अवॉर्ड-2026 की सूची में 15 पूर्व छात्रों का चयन किया गया है।
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इसमें प्रो. प्रकाश (एमएसी फिजिक्स, 1975), प्रो. उपमानु लाल (बीटेक-सीई, 1976), प्रो. रवींद्र कुमार आहूजा (पीएचडी, 1982), प्रो. हरीश चंद्र वर्मा (एमएससी-1978, पीएचडी 1981), प्रो. पी विजय कुमार (बीटेक-एमटी-ईई, 1979), डॉ. दीपेंद्र प्रसाद (एमएससी-1980), डॉ. जे. रामाचंद्र राव (बीटेक-ईई, 1984), रवि अग्रवाल (बीटेक-एमटेकई, 1986-1988), लोकवीर कपूर (बीटेक-एमई, 1987), डॉ. तुषार दीपक चंद्रा (बीटेक-सीएसई, 1988), डॉ. विज्ञान सिंघल (बीटेक-सीएसई, 1989), प्रो. संजय ई. शर्मा (बीटेक-एमई, 1990), डॉ. सतीश चंद्रा (बीटेक-सीएसई, 1991), रजत वर्मा (बीटेक-एई, 1998), अभिषेक विनोद सिंह (एमएससी5/फिजिक्स, 2002) शामिल हैं। वहीं, सत्येंद्र के. दुबे मेमोरियल अवॉर्ड-2026 के लिए स्वर्गीय प्रो. गुरु दास अग्रवाल और बबलू कुमार (बीटेक/एमटेक/ईई, 2004/2008) को चुना गया है।
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कौन थे सत्येंद्र के. दुबे
सत्येंद्र कुमार दुबे आईआईटी कानपुर के 1994 बैच के सिविल इंजीनियरिंग स्नातक थे। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में काम करते हुए अपने पेशे में ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ दृढ़ रुख बनाए रखा। 27 नवंबर 2003 को बिहार के गया में उनकी हत्या कर दी गई। संस्थान ने उनके जीवन और पेशेवर मूल्यों को याद रखने के लिए यह पुरस्कार शुरू किया।