Hathras News: घर में लगाया झूमर, आ गई थार और स्कॉर्पियो, इसने खोल दी ठगों के मददगारों की पोल
दो साल से जितने बड़े पैमाने पर बैंक खाते खोले जा रहे हैं, उससे साफ है कि साइबर ठगों का गिरोह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी में शामिल हो सकता है। यह साइबर ठगों की सबसे निचली कड़ी है, जो केवल खाते खोलकर ऊपर ठगों को उपलब्ध कराती है।
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साइबर ठगों के लिए काम कर रहे सहपऊ कस्बे के युवकों ने पिछले दो साल में विलासितापूर्ण जीवन जीना शुरू कर दिया था। स्थानीय गिरोह का सरगना अचानक से थार व स्कॉर्पियो में घूमने लगा था। शानदार घर बनवा लिया था तथा घर में लाखों रुपये का झूमर भी लगवाया था। यही झूमर, गाड़ियां व युवकों का रहन-सहन ग्रामीणों की नजर में आई और फिर बात धीरे-धीरे आग की तरह फैल गई।
पुलिस ने प्रतीक से भी पूछताछ की है, जिसमें सामने आया कि उसके एक खाता खुलवाने के दो हजार रुपये मिलते थे। प्रतीक ने यह भी बताया कि उसे लगा था कि बैंक का टारगेट पूरा करने के लिए खाते खुलवाए जा रहे हैं। पूछताछ के बाद युवक को छोड़ा गया है, लेकिन कस्बे से बाहर न जाने की हिदायत दी है। प्रतीक से यह भी जानकारी सामने आई है कि प्रसून करीब दो साल से यह काम कर रहा था, जबकि वह ढाई महीने पहले ही इनसे जुड़ा है।
सहपऊ में सक्रिय गिरोह का सरगना नगला सुखराम का युवक बताया जा रहा है, जिस पर थार गाड़ी भी है। एक युवक स्कॉर्पियो में चलता है। कस्बे के अलावा गांव ढकपुरा व अन्य गांवों के युवक इस गिरोह में शामिल हैं, जो कि कमीशन पर खाते खोलते हैं तथा प्रसून उन्हें 2 हजार रुपये देता है। प्रसून को नगला सुखराम का युवक रुपये देता है।
अंतरराष्ट्रीय हो सकता है गिरोह
दो साल से जितने बड़े पैमाने पर बैंक खाते खोले जा रहे हैं, उससे साफ है कि साइबर ठगों का गिरोह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी में शामिल हो सकता है। यह साइबर ठगों की सबसे निचली कड़ी है, जो केवल खाते खोलकर ऊपर ठगों को उपलब्ध कराती है।
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जिले में सामने आ चुके हैं म्यूल खाते
24 जुलाई को पुलिस ने ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो म्यूल खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगवाता था। पुलिस ने मुरसान के गांव चमरुआ निवासी माधव शर्मा को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से फर्जी आधार, शेल कंपनियों के दस्तावेज, बैंक चेक आदि सामान मिला था। माधव उज्जैन में बैठे पेडलर के इशारे पर यहां खाते खोल रहा था और उन्हें ठगों को दे रहा था। माधव ने रुपये के लालच में अपने तीन दोस्तों को भी शामिल कर लिया था।
घर छोड़कर भागे शातिर
माधव की गिरफ्तारी के बाद अमर उजाला में 27 जुलाई के अंक में संवाद न्यूज एजेंसी की खबर प्रकाशित हुई थी, जिसमें दो हजार के लालच में लोगों द्वारा खाता देने का मामला उजागर किया गया था। बताते हैं कि माधव की गिरफ्तारी व खातों के खेल के खुलासे के बाद ही सहपऊ के सरगना घर छोड़कर भाग गए थे। अब पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।