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अभियान बेअसर: कुछ ही दिनों में फिर लौट आया अतिक्रमण
Wed, 19 Aug 2026 11:39 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:39 PM IST
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मुख्य बाजार हाथी गेट मार्ग पर कतार में खड़ी बाइकें। संवाद
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एटा। शहर के प्रमुख मार्ग जीटी रोड, कचहरी रोड, हाथी गेट और घंटाघर पर पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए फुटपाथ अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग की भेंट चढ़ गए हैं। दुकानदारों के सामान, ठेलों और दोपहिया वाहनों ने रास्तों को पूरी तरह घेर लिया है। इससे मजबूरन राहगीरों को व्यस्त सड़कों पर वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर चलना पड़ रहा है। हालांकि हाल ही में अभियान चलाकर पालिका ने अतिक्रमण हटवाया था लेकिन ये फिर से होने लगा। ये स्थिति हादसे का खतरा बढ़ा रही है।
फुटपाथ का इस्तेमाल पैदल आवागमन के बजाय सामान रखने और वाहन खड़े करने के लिए किया जा रहा है। जीटी रोड पर बस स्टैंड के सामने से घंटाघर तक फुटपाथ अतिक्रमण और पार्किंग से घिरे हैं। सुबह और शाम यातायात का दबाव बढ़ने पर राहगीरों की मुश्किल और बढ़ जाती है। कई जगह सड़क किनारे पैदल निकलने तक की जगह नहीं बचती। कचहरी रोड पर ठेले, दुकानों के बाहर रखा सामान और खड़े वाहन पैदल रास्ते को घेर लेते हैं। खरीदारी के समय भीड़ बढ़ने पर राहगीरों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए वाहनों के बीच से निकलना विशेष रूप से जोखिम भरा है।
हाथी गेट, घंटाघर व गांधी मार्केट क्षेत्र में भी फुटपाथ की स्थिति बेहतर नहीं है। कई स्थानों पर दुकानों का सामान फुटपाथ तक फैला हुआ है। वहीं वाहनों की पार्किंग ने बची हुई जगह भी घेर ली है। इससे पैदल राहगीरों को सड़क के किनारे चलना पड़ता है और यातायात प्रभावित होता है। मुख्य बाजारों में फुटपाथ पर वाहन खड़े होने से पैदल आवागमन बाधित रहता है। हरीश चंद्र ने बताया कि फुटपाथ खाली रहने से राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। साथ ही सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने से जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
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फुटपाथ खाली रखना नगर पालिका की जिम्मेदारी
फुटपाथ पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के अभाव में कई स्थानों पर अतिक्रमण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि हाल ही में नगर पालिका ने अभियान चलाकर फुटपाथ से अतिक्रमण हटवाया था लेकिन दोबारा वही हाल हो गया। इसके लिए सख्त व नियमित निगरानी और कार्रवाई जरूरी है।
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फुटपाथ का इस्तेमाल पैदल आवागमन के बजाय सामान रखने और वाहन खड़े करने के लिए किया जा रहा है। जीटी रोड पर बस स्टैंड के सामने से घंटाघर तक फुटपाथ अतिक्रमण और पार्किंग से घिरे हैं। सुबह और शाम यातायात का दबाव बढ़ने पर राहगीरों की मुश्किल और बढ़ जाती है। कई जगह सड़क किनारे पैदल निकलने तक की जगह नहीं बचती। कचहरी रोड पर ठेले, दुकानों के बाहर रखा सामान और खड़े वाहन पैदल रास्ते को घेर लेते हैं। खरीदारी के समय भीड़ बढ़ने पर राहगीरों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए वाहनों के बीच से निकलना विशेष रूप से जोखिम भरा है।
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हाथी गेट, घंटाघर व गांधी मार्केट क्षेत्र में भी फुटपाथ की स्थिति बेहतर नहीं है। कई स्थानों पर दुकानों का सामान फुटपाथ तक फैला हुआ है। वहीं वाहनों की पार्किंग ने बची हुई जगह भी घेर ली है। इससे पैदल राहगीरों को सड़क के किनारे चलना पड़ता है और यातायात प्रभावित होता है। मुख्य बाजारों में फुटपाथ पर वाहन खड़े होने से पैदल आवागमन बाधित रहता है। हरीश चंद्र ने बताया कि फुटपाथ खाली रहने से राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। साथ ही सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने से जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
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फुटपाथ खाली रखना नगर पालिका की जिम्मेदारी
फुटपाथ पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के अभाव में कई स्थानों पर अतिक्रमण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि हाल ही में नगर पालिका ने अभियान चलाकर फुटपाथ से अतिक्रमण हटवाया था लेकिन दोबारा वही हाल हो गया। इसके लिए सख्त व नियमित निगरानी और कार्रवाई जरूरी है।

मुख्य बाजार हाथी गेट मार्ग पर कतार में खड़ी बाइकें। संवाद