बदायूं: सीएमओ कार्यालय पर आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, मानदेय बढ़ाने समेत नौ मांगें उठाईं
बदायूं में बुधवार को आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी और पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा है। लेकिन आशा और संगिनी के लिए शासनादेश जारी नहीं हुआ।
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बदायूं में अपनी मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आशा और संगिनी के मानदेय में वृद्धि को लेकर अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया।
संगठन की जिला अध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि आशा और संगिनी स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया जा चुका है, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
ये मांगें उठाईं
उन्होंने कहा कि सरकार को आशा-संगिनी की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। आशा-संगिनी ने संगिनी का मानदेय 30 दिन का करने, सुपरविजन विजिट का भुगतान 300 से बढ़ाकर 700 रुपये करने, आशाओं का मानदेय 21 हजार और संगिनी का 26 हजार रुपये करने की मांग की।
इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज 250 से बढ़ाकर 350 रुपये करने, ई-कवच के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और सीएचसी-पीएचसी पर आशाओं के ठहरने के लिए अलग कमरा निर्धारित करने की मांग की गई।
उन्होंने मृत्यु की स्थिति में आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता देने, भुगतान में कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने तथा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई।