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Basti News: वायरल फीवर का अटैक, प्लेटलेट्स की कमी बढ़ा रही परेशानी
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जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
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बस्ती। बारिश, तेज धूप और उमस के बीच मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिले में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुखार के साथ कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिलने से परेशानी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में रोजाना वायरल बुखार के 80 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने वाले कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे मिलने पर उन्हें भर्ती कर निगरानी में उपचार दिया जा रहा है। बारिश के बाद जलभराव और जगह-जगह गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल पहुंचने वाले कुछ मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। चिकित्सक लोगों को बुखार को नजरअंदाज नहीं करने और समय से जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचीं नेहा ने बताया कि उन्हें चार दिन से बुखार है। दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिला। जांच में प्लेटलेट्स घटकर 50 हजार रह गईं। इसी तरह मो. शाहिद ने बताया कि एक दिन बुखार आने के बाद जांच कराने पर प्लेटलेट्स 73 हजार मिलीं। चिकित्सक ने दवा के साथ आराम करने की सलाह दी है।
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फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। डेंगू और मलेरिया के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने वाले कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिल रही हैं। प्लेटलेट्स काफी कम होने पर मरीज को भर्ती कर निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
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बुखार उतरने के बाद पेट दर्द की शिकायत
डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि कुछ मरीजों में बुखार उतरने के बाद पेट दर्द और पाचन संबंधी परेशानी की शिकायत सामने आ रही है। वायरल संक्रमण के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होने से ऐसी समस्या हो सकती है। कुछ मरीजों में लिवर में सूजन भी देखने को मिल रही है। ऐसे में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तली-भुनी, मसालेदार और फास्ट फूड से परहेज करने के साथ पर्याप्त आराम करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए।
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बच्चों में तेज बुखार के मामले
बाल रोग विभाग में डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बच्चों में हल्के बुखार के मामले आ रहे हैं। समय पर उपचार न मिलने पर कुछ बच्चों में तेज बुखार की शिकायत बढ़ रही है। कुछ बच्चों का तापमान 104 से 105 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने पर उन्हें चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव और एलर्जी को भी इसके पीछे एक कारण माना जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में 1,013 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रही। तीन कक्षों में फिजिशियन की ओपीडी चली, जहां 400 से अधिक मरीज पहुंचे।
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चिकित्सकों की सलाह
पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
प्लेटलेट्स कम होने पर खुद से दवा न लें और झोलाछापों से उपचार कराने से बचें।
बुखार में पर्याप्त आराम करें और आसपास साफ-सफाई रखें।
हल्का और संतुलित भोजन लें। फास्ट फूड, तली-भुनी और मसालेदार चीजों से परहेज करें।
पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
कोट
जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाया गया है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और जांच की सुविधा भी बढ़ाई गई है। रोजाना 300 से अधिक रक्त की जांचें की जा रही हैं। वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।
-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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जिला अस्पताल में रोजाना वायरल बुखार के 80 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने वाले कुछ मरीजों की प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे मिलने पर उन्हें भर्ती कर निगरानी में उपचार दिया जा रहा है। बारिश के बाद जलभराव और जगह-जगह गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल पहुंचने वाले कुछ मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। चिकित्सक लोगों को बुखार को नजरअंदाज नहीं करने और समय से जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
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शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचीं नेहा ने बताया कि उन्हें चार दिन से बुखार है। दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिला। जांच में प्लेटलेट्स घटकर 50 हजार रह गईं। इसी तरह मो. शाहिद ने बताया कि एक दिन बुखार आने के बाद जांच कराने पर प्लेटलेट्स 73 हजार मिलीं। चिकित्सक ने दवा के साथ आराम करने की सलाह दी है।
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फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। डेंगू और मलेरिया के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने वाले कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिल रही हैं। प्लेटलेट्स काफी कम होने पर मरीज को भर्ती कर निगरानी में उपचार दिया जा रहा है।
बुखार उतरने के बाद पेट दर्द की शिकायत
डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि कुछ मरीजों में बुखार उतरने के बाद पेट दर्द और पाचन संबंधी परेशानी की शिकायत सामने आ रही है। वायरल संक्रमण के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होने से ऐसी समस्या हो सकती है। कुछ मरीजों में लिवर में सूजन भी देखने को मिल रही है। ऐसे में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तली-भुनी, मसालेदार और फास्ट फूड से परहेज करने के साथ पर्याप्त आराम करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए।
बच्चों में तेज बुखार के मामले
बाल रोग विभाग में डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बच्चों में हल्के बुखार के मामले आ रहे हैं। समय पर उपचार न मिलने पर कुछ बच्चों में तेज बुखार की शिकायत बढ़ रही है। कुछ बच्चों का तापमान 104 से 105 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने पर उन्हें चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव और एलर्जी को भी इसके पीछे एक कारण माना जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में 1,013 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रही। तीन कक्षों में फिजिशियन की ओपीडी चली, जहां 400 से अधिक मरीज पहुंचे।
चिकित्सकों की सलाह
पांच दिन या इससे अधिक समय तक बुखार रहने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
प्लेटलेट्स कम होने पर खुद से दवा न लें और झोलाछापों से उपचार कराने से बचें।
बुखार में पर्याप्त आराम करें और आसपास साफ-सफाई रखें।
हल्का और संतुलित भोजन लें। फास्ट फूड, तली-भुनी और मसालेदार चीजों से परहेज करें।
पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
कोट
जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाया गया है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और जांच की सुविधा भी बढ़ाई गई है। रोजाना 300 से अधिक रक्त की जांचें की जा रही हैं। वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।
-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।