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Basti News: नवजात की मौत पर भी हुई थी जांच फिर दे दिया अस्पताल का लाइसेंस

Wed, 20 May 2026 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 11:28 PM IST
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An investigation was also conducted on the death of the newborn, then the hospital's license was given.
बस्ती। मरीजों की मौत के मामले में जिगिना स्थित एक निजी हॉस्पिटल पिछले साल भी चर्चा में आया था। जुलाई 2025 में संबंधित अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती एक नवजात की हालत बिगड़ी तो आनन-फानन रेफर कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत होने के बाद परिजन शव लेकर अस्पताल लौट आए और जमकर हंगामा हुआ।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में उतरी लेकिन, 24 घंटे के भीतर अस्पताल प्रबंधन ने मामले का पटाक्षेप करा लिया। इसके बाद विभाग ने अस्पताल चलाने का लाइसेंस भी जारी कर दिया था। बता दें कि सोमवार की रात कोतवाली क्षेत्र के जिगिना चौराहा स्थित उसी अस्पताल में फिर एक महिला मरीज के मौत का मामला सामने आया है। संबंधित निजी हॉस्पिटल में प्रसूता अलका वर्मा (28) निवासी जगदीशपुर मंझरिया को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर दिया गया।
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हॉयर सेंटर ले जाते समय महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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शहर कोतवाल मोतीचंद ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अभी देखा नहीं गया है। उस समय परिजन गुस्से में थे इसलिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अपनाई गई थी। परिजनों की तरफ से मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। इससे पुलिस की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।

खबर है कि पुराने ढर्रे पर ही विभाग ने भी जांच प्रक्रिया अपनाई है। यदि अस्पताल प्रबंधन मरीज के तीमारदारों को सहमति में लेने पर सफल हुआ तो विभाग जांच से हाथ पीछे खींच लेगा। पिछले बार भी नवजात के मौत के बाद यहीं खेल सामने आया था। शुरू में विभागीय जिम्मेदार जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिए और बाद में पीड़ित पक्ष के सहमत होने पर विभाग मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया।
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