Urs E Razvi 2023: बरेली में जायरीनों का आना शुरू, दरगाह पर बढ़ी रौनक; 10 सितंबर से उर्स का आगाज
बरेली में विश्व प्रसिद्ध उर्स-ए-रजवी का आगाज 10 सितंबर से हो रहा है, जिसमें देश-विदेश से हजारों जायरीन शामिल होंगे। जायरीनों का आना शुरू हो गया है।
विस्तार
बरेली में उर्स-ए-रजवी का आगाज 10 सितंबर से हो रहा है। जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दरगाह आला हजरत पर भी रौनक बढ़ गई है। इस्लामिया मैदान में पुस्तक मेला लगाने की तैयारियां भी चल रही हैं। यहां दो सौ से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे।
10 सितंबर को दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां रजवी परचम से उर्स का आगाज करेंगे। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि अब तक महाराष्ट्र, केरल, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग पहुंच गए हैं।
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दरगाह का मेहमानखाना, मदरसा मंजर-ए-इस्लाम, अफ्रीकी हॉस्टल में जायरीन को ठहराया जा रहा है। बताया कि इस बार पंडाल को पहले की अपेक्षा बड़ा बनाया गया है। धार्मिक किताबों के मेले में दो सौ से अधिक स्टॉल होंगे।
इसमें आला हजरत का लिखा कुरान का अनुवाद कंजुल ईमान, फतवो का मजमुआ फतावा रजविया, शायरी का नातिया दीवान हिदाईक बख्शिश, हुसामुल हरमैन, बहारे शरीयत, अल मलफूज, फौज-ए-मोबीन, तमहीद- ए-ईमान, अल-दौलत उल-मक्किया समेत अन्य किताबें होंगी।
सोशल मीडिया का मुद्दा सबसे अहम
उर्स में होने वाली तकरीरों में सबसे अहम मुद्दा सोशल मीडिया का होगा। उलेमाओं का मानना है कि सोशल मीडिया फसाद की जड़ है जो तिल का ताड़ बना देती है और बेवजह कई मुस्लिम युवा उसमें फंस जाते हैं। इसके बाद फिर कानूनी दांव पेंच का सामना करना पड़ता है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि तकरीरों के विषय तय हैं, लेकिन सोशल मीडिया अहम रहेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक, भावनाओं को आहत करने व देश व दुनिया के अमन-चैन और शांति को प्रभावित करने वाली गैरकानूनी सामग्री को अपलोड व उसे फारवर्ड करने से बचने और सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की नौजवानों से उलमा अपील करेंगे।
इसके अलावा मुस्लिमों से अपील की जाएगी कि छोटे-छोटे मामलों को लेकर थाना, कोर्ट कचहरी के चक्कर न लगाए। इन्हें घर, मोहल्लों के बड़ों के सामने बैठकर ही सुलझा लें। दुष्कर्म व महिलाओं के प्रति बढ़ रही घटनाओं के प्रति सावधान रहना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिमों को आगे बढ़ना होगा, इसके लिए क्या करे यह भी बताया जाएगा। शादियों में बैंड बाजे की फिजूलखर्ची को कम करने की अपील भी की जाएगी।
पौधे लगाने का आह्वान
उर्स के मौके पर काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने जमात रजा मुस्तफा से देशभर में पौधे लगाने का आह्वान किया है। उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने बताया कि काजी-ए-हिंदुस्तान की ओर से यह अपील देशभर के उलमा से भी की जाएगी। देश विदेश से आने वाले उलमा अभियान के तहत पौधे लगाने पर जोर देंगे।
उर्स-ए-रजवी की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारी इस्लामिया इंटर कॉलेज पहुंचे। एसपी सिटी राहुल भाटी, सीओ प्रथम श्वेता सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली धर्मेंद्र सिंह ने आधे घंटे तक वहां चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। उनके साथ टीटीएस के पदाधिकारी मौजूद रहे।